उन्नाव। जनपद में गर्मी की शुरुआत के साथ ही मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे आमजन खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बीघापुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते गांवों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की जा रही हैं। इससे मच्छरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों को बढ़ावा दे सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग को अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। गांवों में जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बना हुआ है, लेकिन सफाई व्यवस्था भी बदहाल नजर आ रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते रोकथाम के उपाय नहीं किए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इस समस्या पर ध्यान देता है और क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
