सूर्यपाल (प्रोटेक)
बीघापुर-उन्नाव। ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल के अवसर पर मंगलवार को बीघापुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। भक्तों ने पूरे धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ जगह-जगह भव्य भंडारे का आयोजन किया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। गौरतलब है कि ज्येष्ठ महीने के सभी मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ के रूप भी जाना जाता है, जिसकी शुरुआत इस वर्ष मई महीने से हुई थी।
श्रद्धा भाव से की गई हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना
मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के सभी दुखों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। सुबह से ही हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने सुबह पवित्र स्नान कर व्रत का संकल्प लिया।
ऐसे की गई बजरंगबली की आराधना:
- लाल वस्त्र बिछी वेदी पर भगवान हनुमान की प्रतिमा स्थापित की गई।
- गंगाजल, पंचामृत और शुद्ध जल से प्रभु का अभिषेक किया गया।
- हनुमान जी को लाल चंदन, सिंदूर का तिलक और चंदन का इत्र अर्पित किया गया।
- रामभक्त पवनपुत्र को लाल चोला और तुलसी की माला चढ़ाई गई।
- देसी घी व चमेली के तेल का चौमुखी दीपक जलाकर हनुमान चालीसा और बजरंगबली के मंत्रों का जाप किया गया।
धार्मिक नियमों के अनुसार, इस दिन तामसिक चीजों के सेवन से पूरी तरह परहेज करने और हनुमान जी के साथ-साथ प्रभु श्रीराम की पूजा करने का भी विशेष महत्व बताया गया है।
ग्रामीण अंचलों में रही भंडारों की धूम
सातवें ज्येष्ठ मंगल के पावन अवसर पर क्षेत्र के ग्राम चमियानी, गढ़ाकोला, जाजनपुर, सोहरामऊ और सिजनी आदि गांवों में जगह-जगह भंडारे आयोजित किए गए। राहगीरों और स्थानीय लोगों को रोक-रोक कर पूड़ी-सब्जी, बूंदी और ठंडे शर्बत का प्रसाद वितरित किया गया। पूरा इलाका “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों से गुंजायमान रहा। देर शाम आरती के साथ पूजा का समापन हुआ, जिसके अगले दिन व्रती अपने व्रत का पारण करेंगे।
