नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के इतर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों वैश्विक नेताओं के बीच वर्ष 2026 में यह तीसरी मुलाकात है, जो भारत और यूएई के बीच लगातार मजबूत और जीवंत होती व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को दर्शाती है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर गहराई से चर्चा की गई।
तकनीकी और व्यापारिक प्रगति की समीक्षा
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने हाल के महीनों में हुए सकारात्मक घटनाक्रमों की समीक्षा की। इसमें जनवरी 2026 में यूएई के राष्ट्रपति की भारत यात्रा और मई 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के दौरान लिए गए फैसलों पर हुई प्रगति शामिल है। दोनों देशों के बीच विशेष रूप से इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी:
- प्रौद्योगिकी (Technology) और निवेश
- व्यापार और ऊर्जा (Energy) सुरक्षा
- रक्षा (Defense) सहयोग
क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कानून पर जोर
पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे घटनाक्रमों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने साफ किया कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में ही होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के महत्व को रेखांकित किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित व्यापार का आह्वान
वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद संवेदनशील ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को लेकर दोनों देशों ने साझा चिंता और प्रतिबद्धता जताई। भारत और यूएई ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पूरी तरह सुरक्षित, निरंतर और बिना किसी रुकावट के जारी रहना चाहिए।
भारत में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन का आमंत्रण
डिप्लोमैटिक संबंधों को और मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को इस वर्ष के अंत में भारत की मेजबानी में होने वाले आगामी ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया है।
