बरेली। जहाँ एक ओर पूरा विश्व ‘वर्ल्ड हेल्थ डे’ मना रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली में स्वास्थ्य सेवाओं की जर्जर हालत और निजी अस्पतालों की मनमानी के खिलाफ गरीब शक्ति दल ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को एक विस्तृत मांग पत्र भेजकर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और विसंगतियों को उजागर किया है।
प्रमुख मांगें: सर्वे और एयर एंबुलेंस की दरकार
संगठन के प्रमुख और गरीबों के नेता मनोज विकेट के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई गई हैं:
- तत्काल सर्वे: देश में ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) और ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) से पीड़ित मरीजों का सरकारी स्तर पर सर्वे कराया जाए और उनका मुफ्त इलाज सुनिश्चित हो।
- एयर एंबुलेंस: हर जिले में एयर एंबुलेंस की सुविधा और ‘चलता-फिरता अस्पताल’ (Mobile Hospital) योजना को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर लागू किया जाए।
- लूट पर लगाम: निजी अस्पतालों में डॉक्टरों की बेलगाम फीस, दवाओं के नाम पर अवैध वसूली और जांचों के नाम पर हो रही ‘लूटपाट’ पर तुरंत प्रतिबंध लगे।
आंकड़ों के आईने में कड़वा सच
मनोज विकेट ने ऑनलाइन जानकारियों और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत की 142 करोड़ की जनसंख्या में हर साल 18 लाख से ज्यादा लोग बीमारियों के कारण दम तोड़ देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
”एक तरफ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) आधुनिक उपकरणों और बेहतर सुविधाओं का दावा ठोक रहा है, वहीं दूसरी तरफ गरीब मरीज पैसों के अभाव में दम तोड़ रहा है। अनुच्छेद 21 हमें स्वास्थ्य का मौलिक अधिकार देता है, लेकिन आज इसका घोर उल्लंघन हो रहा है।”
इलाज नहीं, केवल सिफारिशों का खेल
संगठन ने आरोप लगाया कि कैंसर, हार्ट फेल और ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहा गरीब मरीज दिल्ली के बड़े अस्पतालों के चक्कर काटता रहता है। वहां इलाज मिलने के बजाय उसे राजनीतिक रसूख और ‘सोर्स’ लगाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। अंततः, इलाज के अभाव में मरीज की मौत हो जाती है।
डॉक्टरों की भारी-भरकम सैलरी और कमीशन का खेल
नेताजी ने डॉक्टरों की कार्यशैली पर बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक सैलरी पाने वाले डॉक्टर जांचों के नाम पर लाखों रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। उन्होंने गगनभान जैन की पत्नी गीता और विवेक भटनागर के मामलों का हवाला देते हुए चिकित्सा जगत में चल रही ‘कालाबाजारी’ को बंद करने की मांग की।
चेतावनी: नहीं सुधरे हालात तो होगा बड़ा आंदोलन
गरीब शक्ति दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर नहीं सुधारा, तो आने वाले दिनों में संगठन एक बड़ा देशव्यापी आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से शामिल रहे:
मनोज विकेट के साथ गिरीशचंद सक्सेना, रंजीत सिंह, संजीव सागर, गगन भान जैन, यतीस सहाय, बद्री प्रसाद राबिया आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
