उन्नाव (पाटन)। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के सुमेरपुर विकासखंड में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। गुरुवार को यूनियन के पदाधिकारियों और दर्जनों किसानों ने जिला उपाध्यक्ष मुन्ना सिंह के नेतृत्व में ब्लॉक मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उनकी बुनियादी समस्याओं के प्रति उदासीन बना हुआ है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आक्रोश पनप रहा है।
अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी
किसानों का जत्था अपनी मांगों को लेकर खंड विकास अधिकारी (BDO) से मिलने पहुँचा था, लेकिन उनके कार्यालय में उपस्थित न होने के कारण किसानों ने नाराजगी व्यक्त की। बाद में, किसानों ने एडीओ पंचायत मनोज कुमार को अपना ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट किया कि ज्ञापन केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के हजारों किसानों की पीड़ा का दस्तावेज है।
स्मार्ट मीटर के नाम पर उत्पीड़न का आरोप
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को बनाया गया है। जिला उपाध्यक्ष मुन्ना सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा किसानों के घरों और नलकूपों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि किसान इसका लगातार विरोध कर रहे हैं।
”स्मार्ट मीटर की रीडिंग में भारी गड़बड़ी देखने को मिल रही है। जानबूझकर बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर भेजा जा रहा है ताकि गरीब किसानों का शोषण किया जा सके। इसे तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए।” — मुन्ना सिंह, जिला उपाध्यक्ष
बारिश से बर्बादी और मुआवजे की पुकार
9 अप्रैल 2026 को आयोजित इस बैठक में हालिया बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर भी गहन चर्चा की गई। यूनियन ने मांग की है कि तहसील प्रशासन और कृषि विभाग की टीम जल्द से जल्द खेतों का सर्वे करे। किसानों ने कहा कि फसलें बर्बाद होने से वे कर्ज की स्थिति में आ गए हैं, ऐसे में उन्हें अविलंब सरकारी सहायता और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
बुनियादी विकास कार्यों में लापरवाही
ज्ञापन में क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को विस्तार से सूचीबद्ध किया गया है:
- ग्राम सभा कुंदनपुर: यहाँ जलभराव एक गंभीर समस्या बन चुका है। निकासी की व्यवस्था न होने से आम रास्ता तालाब में तब्दील हो गया है। यूनियन ने यहाँ नया मार्ग निर्माण कर इसे मुख्य मार्ग से जोड़ने की मांग की है।
- ग्राम सभा बिहार: गौरीशंकर मंदिर जैसे आस्था के केंद्र के सामने नाली का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। गंदगी और बदबू के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।
- आवास योजना में भ्रष्टाचार: विकासखंड बीघापुर के ग्राम सगवर निवासी शुभा तिवारी का मामला भी प्रमुखता से उठा। बताया गया कि वे वर्ष 2017 से पात्र होने के बावजूद आवास योजना के लाभ से वंचित हैं। किसानों ने सवाल उठाया कि 7 साल से एक गरीब को छत क्यों नहीं मिल सकी?
संगठन की एकजुटता और भविष्य की रणनीति
इस विरोध प्रदर्शन में संगठन की मजबूती साफ दिखाई दी। तहसील प्रभारी (बीघापुर) अजय बाजपेई और ब्लॉक अध्यक्ष फतेह बहादुर लोधी ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रशासन किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले। यदि एक निश्चित समयावधि के भीतर इन बिंदुओं पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन ब्लॉक मुख्यालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगी।
उपस्थित प्रमुख सदस्य:
इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह चौहान, राजेन्द्र कुमार, मंगली, कौशल कुमार, राजेश कुशवाहा, उमा, अजय, मोनू, राकेश और दर्जनों अन्य कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
एडीओ पंचायत ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा और विकास कार्यों से संबंधित फाइलों की जांच की जाएगी। हालांकि, किसान अब केवल आश्वासन से संतुष्ट होने के मूड में नहीं हैं। सुमेरपुर का यह घटनाक्रम संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में यदि समाधान नहीं हुआ, तो उन्नाव में किसान आंदोलन की तपिश और बढ़ सकती है।
ब्यूरो रिपोर्ट: RY NEWS
