नए शैक्षणिक सत्र पर मुख्यमंत्री ने साझा किया प्रेरक पत्र, अभिभावकों से भी की खास अपील
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर प्रदेश के बच्चों को प्रेरित करते हुए एक भावनात्मक संदेश साझा किया है। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बच्चों के नाम एक पत्र साझा करते हुए लिखा, “मेरे प्यारे बच्चो, नया शैक्षणिक सत्र आरंभ हो रहा है। आप सभी को स्वर्णिम भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएं।” उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपनी रुचि के विषयों में मन लगाकर पढ़ाई करें और विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में पूरे उत्साह के साथ भाग लें।
सीएम योगी ने अपने संदेश में भारतीय संस्कृति और आदर्शों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि Lord Rama के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप और Lord Krishna के कर्मयोगी रूप की पहली सीढ़ी गुरुकुल की शिक्षा ही रही है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में आगे बढ़ने का सबसे महत्वपूर्ण आधार है और इसी के माध्यम से व्यक्ति अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर होता है।
मुख्यमंत्री ने Swami Vivekananda के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके सिद्धांतों को अपनाकर बच्चे कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों से सकारात्मक सोच, मेहनत और अनुशासन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
तकनीक के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सीएम योगी ने बच्चों को डिजिटल उपकरणों के सही उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज का समय तकनीक का है, इसलिए इसका उपयोग सीखना जरूरी है, लेकिन इसके साथ संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने ‘स्क्रीन टाइम’ को सीमित कर ‘एक्टिविटी टाइम’ बढ़ाने पर जोर दिया और बच्चों से कहा कि वे ज्यादा से ज्यादा समय खेलकूद और रचनात्मक कार्यों में लगाएं।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि माता-पिता न केवल अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का प्रयास करें, बल्कि अपने आसपास के उन बच्चों को भी विद्यालय तक पहुंचाने का संकल्प लें, जो किसी कारणवश शिक्षा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि कई बार सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, ऐसे में समाज के जागरूक लोगों को आगे आकर ऐसे परिवारों को जागरूक करना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं के माध्यम से सरकार शिक्षा को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रयासरत है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री का यह संदेश न केवल बच्चों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए एक जिम्मेदारी का एहसास भी कराता है। शिक्षा, खेल और सकारात्मक सोच के संतुलन के साथ ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। ऐसे में सरकार और समाज के संयुक्त प्रयास से ही “हर बच्चा पढ़े, हर बच्चा बढ़े” का सपना साकार हो सकता है।
