घर का सारा सामान जलकर राख, टीम के साथ पहुंचकर कराया राशन व आर्थिक सहयोग
उन्नाव। भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सिकंदरपुर कर्ण ब्लॉक की सातन ग्राम पंचायत के मजरें गणेश खेड़ा में एक परिवार पर अचानक आई आग की आपदा ने सब कुछ छीन लिया। अज्ञात कारणों से लगी आग में मनोज यादव के घर का पूरा सामान, अनाज और जरूरी घरेलू वस्तुएं जलकर राख हो गईं। इस घटना के बाद परिवार के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मनोज यादव के घर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और अन्य आवश्यक सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
क्यों गंभीर है यह घटना
मनोज यादव का परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। ऐसे में इस अग्निकांड ने उनकी स्थिति और भी खराब कर दी। घर में खाने तक का सामान नहीं बचा, जिससे परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया।
मदद के लिए आगे आए समाजसेवी
घटना की जानकारी मिलते ही समाजसेवी और पुष्प फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
उन्होंने परिवार को तत्काल राहत देते हुए राशन सामग्री उपलब्ध कराई और आर्थिक सहायता भी प्रदान की, ताकि परिवार अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सके। इस मदद से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली।
परिवार ने जताया आभार
मदद मिलने के बाद मनोज यादव और उनकी पत्नी ने भावुक होकर सहयोग करने वाले लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में मिली सहायता उनके लिए किसी सहारे से कम नहीं है।
सामाजिक पहल की सराहना
स्थानीय लोगों ने भी इस मानवीय पहल की सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के सहयोग से समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है और जरूरतमंद लोगों को संकट के समय सहारा मिलता है।
बताया जाता है कि क्षेत्र में समाजसेवी द्वारा लगातार जरूरतमंदों, गरीबों, छात्रों और महिलाओं के लिए सहयोग की मुहिम चलाई जा रही है, जिससे कई लोगों को लाभ मिल रहा है।
कौन-कौन रहे मौजूद
इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू, मानवेन्द्र सिंह, कमलेश मिस्त्री, अरुण सिंह, महेन्द्र, रामनरेश सिंह, मैनेजर सिंह, पप्पू सिंह, पंकज सिंह, राघवेंद्र सिंह, कमलेश यादव, आशू सिंह, विक्रम यादव सहित कई ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
गणेश खेड़ा की यह घटना जहां एक ओर दुखद है, वहीं दूसरी ओर समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश करती है। ऐसे समय में आगे आकर मदद करना न केवल मानवता का परिचय देता है, बल्कि पीड़ित परिवार के जीवन को फिर से संभलने का अवसर भी देता है।
