उन्नाव (पाटन)। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान ‘मिशन शक्ति-5’ के तहत आज बीघापुर तहसील में महिला सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण देखने को मिला। राजकीय हाईस्कूल बिसरामऊ की मेधावी छात्रा सृष्टि वर्मा को एक दिन के लिए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बनाया गया। इस दौरान सृष्टि ने न केवल प्रशासनिक कामकाज को बारीकी से समझा, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनकर उनके निस्तारण हेतु निर्देश भी जारी किए।
आत्मविश्वास के साथ संभाला कार्यभार
तहसील बीघापुर मुख्यालय पाटन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें शासन की कार्यप्रणाली से रूबरू कराना था। कक्षा 10 की छात्रा सृष्टि वर्मा, जो सत्येन्द्र कुमार एवं ललिता देवी की सुपुत्री हैं, जब एसडीएम की कुर्सी पर बैठीं, तो उनके चेहरे पर जिम्मेदारी का भाव और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
सृष्टि ने अपने “कार्यकाल” के दौरान कार्यालय में आए फरियादियों की शिकायतों को बहुत धैर्य और गंभीरता से सुना। उन्होंने राजस्व और अन्य विभागीय समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्रों का अवलोकन किया और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
अधिकारियों ने दी प्रशासनिक बारीकियों की जानकारी
उपजिलाधिकारी रनवीर सिंह ने सृष्टि को फाइलें देखने, जनसुनवाई करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की बुनियादी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक प्रशासनिक अधिकारी को निष्पक्ष रहकर जनहित में निर्णय लेने होते हैं।
”मिशन शक्ति अभियान का मूल मंत्र ही बालिकाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है। जब बेटियां इस तरह की भूमिकाओं में आती हैं, तो उनका मनोबल बढ़ता है और समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है।”
— रनवीर सिंह, उपजिलाधिकारी (बीघापुर)
शिक्षा जगत में हर्ष की लहर
छात्रा सृष्टि वर्मा की इस उपलब्धि पर उनके विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। कार्यक्रम के दौरान राजकीय हाईस्कूल बिसरामऊ की प्रधानाचार्य डॉ. नीता वर्मा और शिक्षिका सरिता रावत भी उपस्थित रहीं। शिक्षकों ने कहा कि इस तरह के प्रयोग किताबी ज्ञान से परे छात्राओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं, जिससे उनमें भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं में जाने का जज्बा पैदा होता है।
मिशन शक्ति-5 का प्रभाव
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘मिशन शक्ति’ का पांचवा चरण बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित है। तहसील प्रशासन की इस पहल की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं के भीतर छिपा हुआ डर खत्म होता है और वे बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित होती हैं।
मुख्य बिंदु:
- नाम: सृष्टि वर्मा (कक्षा 10 की छात्रा)
- विद्यालय: राजकीय हाईस्कूल बिसरामऊ, उन्नाव।
- स्थान: तहसील बीघापुर, पाटन।
- पहल: मिशन शक्ति-5 के अंतर्गत एक दिन की प्रतीकात्मक एसडीएम।
छात्रा का अनुभव
एसडीएम की जिम्मेदारी निभाने के बाद सृष्टि वर्मा ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा, “आज का दिन मेरे लिए अविस्मरणीय है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इतनी कम उम्र में प्रशासनिक कामकाज देखने का मौका मिलेगा। इस अनुभव ने मेरा हौसला बढ़ाया है और अब मैं भविष्य में आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं।”
इस अवसर पर तहसील के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
