पुरवा, उन्नाव।कलयुग के जाग्रत देव और संकटमोचन कहे जाने वाले श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव पुरवा तहसील क्षेत्र में पूरी श्रद्धा, भक्ति और अभूतपूर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर स्थित सुप्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर में भक्ति का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने हर श्रद्धालु का मन मोह लिया। ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (BPM) शिवाकांत तिवारी की अगुवाई में आयोजित इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर दिया।
फूलों और रोशनी से महका मंदिर परिसर
शाम होते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का परिसर किसी दिव्य लोक की भांति नजर आने लगा। मंदिर को गेंदे और गुलाब के फूलों के साथ रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया था। शाम की मंद बयार के साथ मंदिर से उठती धूप-अगरबत्ती की सुगंध ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
संगीतमय सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ
उत्सव का शुभारंभ संगीतमय सुंदरकांड के पाठ के साथ हुआ। सुमधुर भजनों और चौपाइयों की गूंज से पूरा वातावरण ‘राममय’ हो गया। भक्तों ने पूरी तन्मयता और अनुशासन के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। बजरंगबली के चरणों में श्रद्धा निवेदित करते हुए भक्तों ने लड्डू, पान का बीड़ा, नारियल और विशेष रूप से गुड़-चने का भोग लगाया। श्रद्धालुओं ने पवनपुत्र से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और आरोग्य की मंगल कामना की।
आस्था का दीप: 151 दीपों से बनी ‘श्री राम’ की आकृति
इस वर्ष के आयोजन का सबसे मुख्य और आकर्षण का केंद्र रहा 151 दीपों का प्रज्ज्वलन। बीपीएम शिवाकांत तिवारी के नेतृत्व में हनुमान भक्तों ने बड़ी ही कुशलता और धैर्य के साथ मंदिर के प्रांगण में मिट्टी के दीपों को सजाकर ‘श्री राम’ नाम की विशाल आकृति उकेरी।
जैसे ही एक साथ इन दीपों को प्रज्ज्वलित किया गया, वहां मौजूद सैकड़ों भक्तों ने एक स्वर में ‘जय श्री राम’ और ‘वीर बजरंगी, जय हनुमान’ के जयकारे लगाए, जिससे पूरा सीएचसी परिसर गुंजायमान हो उठा। अंधेरी रात में दीपों की यह लौ न केवल दृश्य सौंदर्य बिखेर रही थी, बल्कि उपस्थित जनमानस में आस्था और विश्वास की नई रोशनी भी जगा रही थी।
इन सहयोगियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
धार्मिक अनुष्ठान और दीपदान के इस विशाल कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों और हनुमान भक्तों की टीम ने दिन-रात एक कर दिया। आयोजन में मुख्य रूप से:
- अमित सिंह, संदीप लोधी, राजा शुक्ला
- महेश कुशवाहा, सौरभ दीक्षित, वीरेंद्र कुशवाहा
- वीरेंद्र लोधी, अर्चना वर्मा और किरण यादव
समेत बड़ी संख्या में भक्तों ने अपनी निस्वार्थ सेवाएं दीं। पूजन और आरती के उपरांत एक विशाल भंडारे (प्रसाद वितरण) का आयोजन किया गया, जिसमें अस्पताल आए तीमारदारों, स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने बड़े प्रेम से प्रसाद ग्रहण किया।
सेवा और समर्पण का संदेश
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के सदस्यों और बीपीएम शिवाकांत तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हनुमान जन्मोत्सव का यह आयोजन केवल एक वार्षिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह समाज में सेवा, समर्पण और एकता की भावना को सुदृढ़ करने का एक माध्यम है। हनुमान जी सेवा के प्रतीक हैं, और अस्पताल परिसर में इस तरह के आयोजन से मरीजों और उनके परिजनों को भी मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
देर रात तक चले इस कार्यक्रम ने पुरवा क्षेत्र में भक्ति की एक ऐसी अविरल धारा बहाई, जिसकी चर्चा हर ओर हो रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट: [RUDRA YUKTI NEWS]
