वाराणसी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आज धर्म और शिक्षा की नगरी वाराणसी से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के हर बच्चे को स्कूल की दहलीज तक पहुँचाना और शत-प्रतिशत नामांकन (Enrollment) के साथ-साथ ट्रांजिशन रेट को सुनिश्चित करना है।
शिक्षा का उद्देश्य: मनुष्य निर्माण और संस्कार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा के गहरे अर्थों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
”शिक्षा केवल सर्टिफिकेट या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को वास्तविक मनुष्य बनाने, उसे संस्कारित करने तथा समाज और राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने का एक सशक्त माध्यम है।”
मेधावियों का सम्मान और पाठ्यपुस्तक वितरण
शुभारंभ समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता पर ज़ोर देते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:
- निपुण भारत मिशन: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ‘निपुण विद्यालयों’ और ‘निपुण विद्यार्थियों’ को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
- नि:शुल्क सामग्री: नए शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यार्थियों को नवीन पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।
- मिड-डे मील: मुख्यमंत्री ने स्वयं बच्चों को मिड-डे मील वितरित किया और उनके साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।
मिशन 2026-27: ‘शत-प्रतिशत नामांकन’ का लक्ष्य
इस वर्ष का ‘स्कूल चलो अभियान’ विशेष रूप से ट्रांजिशन (एक कक्षा से अगली उच्च कक्षा में प्रवेश) पर केंद्रित है, ताकि बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या को शून्य पर लाया जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि वाराणसी सहित पूरे प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी ढांचा सुधरे और हर बच्चा ‘निपुण’ बने।
शुभकामनाओं के साथ भविष्य की नींव
मुख्यमंत्री ने सभी छात्र-छात्राओं को नए शैक्षणिक सत्र की बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे मिलकर बच्चों के भविष्य को संवारें, क्योंकि शिक्षित बच्चे ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं।
