पाटन, उन्नाव। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही तहसील बीघापुर (मुख्यालय पाटन) परिसर में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहाँ आने वाले फरियादियों और अधिवक्ताओं के लिए पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। आलम यह है कि परिसर में लाखों की लागत से लगी आरओ मशीन और पानी की टंकी महीनों से खराब पड़ी हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।
गर्मी का सितम और प्रशासनिक उदासीनता
जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, तहसील परिसर में पानी की मांग बढ़ती जा रही है। बीघापुर तहसील में रोजाना सैकड़ों लोग अपने काम के सिलसिले में दूर-दराज के गांवों से आते हैं। पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण वृद्धों, महिलाओं और अन्य आगंतुकों को चिलचिलाती धूप में पानी की एक-एक बूंद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं और फरियादियों में रोष
स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील प्रशासन को इस समस्या से कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अधिवक्ताओं ने बताया कि:
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- परिसर में लगी आरओ मशीन सफेद हाथी साबित हो रही है।
- पानी की टंकी के रखरखाव के अभाव में वह चालू स्थिति में नहीं है।
- लोग निजी दुकानों या हैंडपंपों पर निर्भर हैं, जहाँ भारी भीड़ रहती है।
”तहसील जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर बुनियादी सुविधाओं का न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। भीषण गर्मी में पानी के बिना घंटों इंतजार करना किसी सजा से कम नहीं है।” – एक पीड़ित फरियादी
जल्द समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन और तहसील अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि आरओ मशीन और पानी की टंकी की तत्काल मरम्मत कराई जाए। यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो लोगों का आक्रोश बढ़ सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट: [RUDRA YUKTI NEWS]
