उन्नाव। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना को लेकर जनपद उन्नाव में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला जनगणना और चार्ज अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आगामी कार्ययोजना का खाका खींचा। डीएम ने स्पष्ट किया कि इस बार की जनगणना न केवल डिजिटल होगी, बल्कि जन-कल्याण की योजनाओं का आधार भी बनेगी।
दो चरणों में होगी जनगणना, स्व-जनगणना का भी मिलेगा विकल्प
बैठक में जिलाधिकारी ने जनगणना 2027 का पूरा शेड्यूल साझा किया। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में पूरी की जाएगी:
- प्रथम चरण (22 मई से 20 जून 2026): इस दौरान मकानों का सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा।
- द्वितीय चरण (9 से 28 फरवरी 2027): इस अवधि में जनसंख्या की मुख्य गणना संपन्न होगी।
- स्व-जनगणना (7 मई से 21 मई 2026): आम नागरिकों के लिए पोर्टल खोला जाएगा, जहां वे स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
‘स्मार्ट’ प्रगणकों के हाथ में होगी जिम्मेदारी
2027 की जनगणना देश की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना होगी। डीएम ने निर्देश दिया कि इस बार मोबाइल आधारित कार्य होना है, इसलिए केवल उन्हीं कर्मचारियों (प्रगणक और सुपरवाइजर) की ड्यूटी लगाई जाए जो तकनीकी रूप से दक्ष हों।
डीएम के कड़े निर्देश:
- त्रुटिरहित डेटा: कोई भी घर या व्यक्ति गणना से छूटने न पाए, डेटा की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा।
- फिटनेस अनिवार्य: गंभीर रूप से बीमार या कार्य में असमर्थ कर्मचारियों को इस ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा।
- रिजर्व फोर्स: कुल संख्या के सापेक्ष 10 प्रतिशत कर्मचारियों को रिजर्व में रखा जाएगा ताकि आपात स्थिति में कार्य प्रभावित न हो।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव उन्नाव विकास प्राधिकरण शुभम यादव, उपजिलाधिकारी सदर क्षितिज द्विवेदी, सहित हसनगंज, बीघापुर, पुरवा और सफीपुर के उपजिलाधिकारी व जिला जनगणना समन्वयक उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रशिक्षण व्यवस्था को इतना मजबूत रखें कि फील्ड पर कार्य के दौरान किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे।
