उन्नाव। जनपद में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आज एक बड़ी पहल की गई। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और मछली पालक समुदाय के लिए ‘फिश फूड कार्ट’ का विधिवत शुभारंभ किया।
गांधी चौराहे पर मिलेंगे मछली के लजीज व्यंजन
जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूह की सखियों द्वारा संचालित होने वाले फूड कार्ट स्टाल का फीता काटकर उद्घाटन किया। यह विशेष स्टाल शहर के गांधी चौराहा पर प्रतिदिन लगाया जाएगा, जहाँ नागरिकों को समूह की महिलाओं द्वारा तैयार मछली के विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध होंगे। जिलाधिकारी ने महिलाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनकी आजीविका के नए स्रोत खुलेंगे।
मत्स्य पालकों को मिला आधुनिक संसाधनों का साथ
मछली व्यवसाय को आधुनिक और लाभप्रद बनाने के लिए जिलाधिकारी ने मत्स्य पालकों को आइस बॉक्स और फिश स्केल का वितरण किया।
- आइस बॉक्स: इससे मछलियों को लंबे समय तक ताजा रखा जा सकेगा, जिससे बाजार में उचित दाम मिलेंगे।
- फिश स्केल: बिक्री में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी।
“खेती से अधिक मुनाफे वाला पेशा है मत्स्य पालन”
संबोधन के दौरान जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा:
”जनपद उन्नाव में तालाबों और छोटी नदियों की प्रचुरता है, लेकिन संगठन की कमी के कारण अब तक इस व्यवसाय का पूर्ण लाभ नहीं उठाया जा सका। प्रशासन का लक्ष्य पात्र और सामुदायिक लोगों को ही पट्टे आवंटित करना है। जल्द ही जनपद की बड़ी झीलों को भी मत्स्य पालकों के लिए आवंटित किया जाएगा।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि पारंपरिक खेती के मुकाबले मत्स्य पालन में आय की संभावनाएं अधिक हैं। सरकार की योजनाओं से जुड़कर मत्स्य पालक अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।
मछली के कचरे (वेस्ट) से भी होगी कमाई
कार्यक्रम में उपस्थित सहायक कलेक्टर शौर्य अरोड़ा (IAS) ने एक नई और लाभप्रद जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुंबई की ‘निजोना कंपनी’ (NIZONA Company) द्वारा मछली के छिलकों (Scales) को 65 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदने की मांग की गई है।
- मत्स्य विक्रेताओं को प्रोत्साहित किया गया कि वे सफाई से फिश कटिंग करें और छिलकों को फेंकने के बजाय उन्हें बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त करें।
- स्वच्छता बनाए रखने के लिए विक्रेताओं को ग्लव्स, आइस बॉक्स और फिश कटर का भी वितरण किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति
इस अवसर पर सहायक कलेक्टर शौर्य अरोड़ा (IAS), डीसी मनरेगा मुनीश चन्द, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (मत्स्य), बड़ी संख्या में मत्स्य पालक और स्वयं सहायता समूह की मत्स्य सखियां उपस्थित रहीं।
