रायबरेली। कृषि विभाग, रायबरेली के ब्लॉक शिवगढ़ द्वारा सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना (वर्ष 2025–26) के अंतर्गत जनपद के युवा कृषकों हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, रायबरेली द्वितीय के सस्य वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु वर्मा ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. वर्मा ने किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से बीज उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठित रूप से बीज उत्पादन करने से किसानों को अधिक आर्थिक लाभ मिल सकता है और बाजार में उनकी स्थिति मजबूत होती है।
इसके साथ ही उन्होंने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) के महत्व को समझाते हुए कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए। रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ जैविक स्रोत जैसे गोबर की खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद एवं जैव उर्वरकों (राइजोबियम, एजोटोबैक्टर, पीएसबी आदि) का संतुलित प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।
उन्होंने बताया कि संतुलित पोषण प्रबंधन से न केवल उर्वरकों की अनावश्यक खपत कम होती है, बल्कि उत्पादन लागत भी घटती है और फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। इससे दीर्घकाल में मृदा स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है और किसानों को स्थायी लाभ मिलता है।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए इसे अपनी खेती में अपनाने का संकल्प लिया।
