उन्नाव। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में जन शिकायतों/आईजीआरएस/संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने आईजीआरएस की शिकायतों को शासन की प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन कार्यालय पहुंचते ही सर्वप्रथम आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करें और लंबित व असंतुष्ट फीडबैक वाले प्रकरणों में संबंधित पक्ष से वार्ता कर त्वरित कार्रवाई करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतें डिफाल्टर होने से पूर्व ही निस्तारित कर दी जाएं तथा पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली आख्या गुणवत्तापूर्ण हो।
तहसील व विकासखंड स्तर पर बनेगा आईजीआरएस सेल
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी तहसीलों एवं विकासखंडों में आईजीआरएस सेल का गठन किया जाए। तहसील स्तर पर तहसीलदार को सेल का प्रभारी बनाया जाएगा तथा उपजिलाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। विकासखंड स्तर पर खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में सेल गठित होगा।
इसके अतिरिक्त विद्युत, स्वास्थ्य, पशुपालन, पंचायतीराज, पूर्ति, बेसिक शिक्षा, प्रोबेशन तथा अन्य विभागों में भी आईजीआरएस सेल गठित करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विभागीय सेल में संबंधित अधिकारी प्रभारी होंगे तथा एक अधीनस्थ अधिकारी व एक कंप्यूटर ऑपरेटर को नामित किया जाएगा। जनपद स्तर पर भी आईजीआरएस सेल द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी।
लापरवाही पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान तहसील बीघापुर, पूर्वा और बांगरमऊ में शिकायतों के निस्तारण में कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। साथ ही बेसिक शिक्षा, पूर्ति, प्रोबेशन और विद्युत विभाग में अधिक संख्या में असंतुष्ट फीडबैक एवं आख्या की गुणवत्ता में कमी पर भी कड़ी चेतावनी दी।
उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रतिदिन प्रातः 10 से 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर जन शिकायतें सुनने के निर्देश दिए और शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से फीडबैक लेने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृतिराज, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड़, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमिताभ यादव, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, उपजिलाधिकारी रामदेव निषाद, सचिव उन्नाव विकास प्राधिकरण शुभम यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि आईजीआरएस शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
