प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपने का निर्णय
सुमेरपुर (उन्नाव)। टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में जिलेभर के शिक्षक आगामी 26 फरवरी को बीएसए कार्यालय, उन्नाव पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, ब्लॉक इकाई सुमेरपुर की ब्लॉक कार्यकारिणी एवं संघर्ष समिति की संयुक्त बैठक में लिया गया। बैठक ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
यह बैठक Teachers Federation of India के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चन्द्र शर्मा के आह्वान तथा संगठन के प्रांतीय मंत्री एवं जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर आयोजित की गई।
बैठक में शिक्षकों ने भारत सरकार के आदेश एवं टीईटी अनिवार्यता के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। इसे तीन दिवसीय अभियान की शुरुआत बताया गया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 26 फरवरी (बृहस्पतिवार) को दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक बीएसए कार्यालय, उन्नाव पर एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा तथा जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने 1 सितंबर 2025 के आदेश को शिक्षकों के सम्मान और अस्तित्व पर प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और सेवा शर्तों में इस प्रकार का संशोधन स्वीकार्य नहीं होगा।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2017 के आरटीई संशोधन में त्रुटियों को स्वयं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा स्वीकार किया गया है और इसे सुधारने का आश्वासन दिया गया है। देश के 16 राज्यों के शिक्षक संगठन टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आंदोलनरत हैं।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षों से सेवा कर रहे शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है, जिससे व्यापक असंतोष व्याप्त है। बैठक में विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए रणनीति तय की गई और पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बैठक में संगठन के विभिन्न पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
