प्रोटोकॉल की अनदेखी का लगाया आरोप, कहा—संवैधानिक पद का अपमान लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (टीएमसी) सरकार पर भारत के राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल की अनदेखी कर अपमान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से राज्य सरकार के “अराजक व्यवहार” की झलक मिलती है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि टीएमसी सरकार ने प्रोटोकॉल की खुलेआम अनदेखी करते हुए भारत के राष्ट्रपति Droupadi Murmu का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है, बल्कि उन लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है जिन पर भारत का लोकतंत्र आधारित है।
अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि टीएमसी सरकार की कार्यशैली से यह स्पष्ट होता है कि वह अपनी मर्जी से नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है और तानाशाही रवैया अपनाती है। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति के सम्मान में प्रोटोकॉल का पालन न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
गृह मंत्री के अनुसार, देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर नागरिक को आहत करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और संविधान की भावना के खिलाफ हैं।
