लखनऊ/मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विनिर्माण और निर्यात का मजबूत केंद्र बनाने के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बुनकरों और छोटे उद्यमियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अब कूरियर के माध्यम से माल भेजने की 10 लाख रुपये की सीमा समाप्त कर दी गई है। इससे मेरठ समेत पूरे प्रदेश के छोटे व्यापारी और कारीगर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे अमेरिका और यूरोप के ग्राहकों तक अपना उत्पाद पहुंचा सकेंगे।
प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और बुनकरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी दूरदृष्टि किसानों और ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए प्रेरणा देती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सरकार खाद्य प्रसंस्करण और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों को अब तक लगभग 95 हजार करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने दंगों और अपराध के दौर से निकलकर विकास और निवेश के नए युग में प्रवेश किया है। आज राज्य ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश बढ़ा है और विनिर्माण क्षेत्र में तेजी आई है।
अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक उभरता हुआ विनिर्माण केंद्र बन रहा है और हाल ही में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर कारखाने की नींव रखी गई है। “एक विकसित भारत के लिए विकसित उत्तर प्रदेश आवश्यक है,” उन्होंने कहा।
