इंद्रराज राजपूत
बाराबंकी। जनपद में बी. त्रिपाठी के नेतृत्व में पत्रकारों की समस्याओं को लेकर Journalist Council of India (रजि.) लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में संस्था की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें पत्रकारिता के समक्ष उपस्थित चुनौतियों और वर्तमान परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें देशभर से लगभग 50 पदाधिकारियों ने सहभागिता करते हुए अपने विचार रखे।
संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं पूर्व न्यायाधीश विकास कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकार निर्भीक होकर कार्य नहीं कर पा रहा है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि सरकार जहां व्यवस्थाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, वहीं प्रेस के साथ अपेक्षित व्यवहार नहीं हो रहा है और प्रिंट मीडिया को समुचित मान्यता नहीं मिल पा रही है। उन्होंने प्रेस की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठनात्मक एकजुटता पर जोर दिया।
बिहार प्रदेश अध्यक्ष अकबर इमाम ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पत्रकारिता का स्वरूप प्रभावित हो रहा है। कम योग्य व्यक्तियों के प्रवेश से पत्रकारिता की साख पर असर पड़ रहा है। ऐसे में समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर पत्रकारों को पेशेवर दक्षता से सशक्त करना आवश्यक है।
उत्तर प्रदेश से बी. त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में संगठन निरंतर मजबूत हो रहा है और पत्रकारों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जा रहा है। वरिष्ठ पदाधिकारी नागेंद्र पाण्डेय ने कहा कि स्थानीय पत्रकार विपरीत परिस्थितियों में समाचार संकलन करते हैं, इसलिए उन्हें उचित पहचान और सम्मान मिलना चाहिए।
सभा का समापन डॉ. आर. सी. श्रीवास्तव ने करते हुए कहा कि सभी पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर संगठन को जमीनी स्तर तक सशक्त बनाना होगा।
बैठक के अंत में पत्रकारों की सुरक्षा, प्रशिक्षण और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
