सूर्यपाल (प्रोटेक)
लखनऊ। बंथरा स्थित एमजीआईएमटी कॉलेज में विद्यार्थियों के समग्र विकास के उद्देश्य से विशेष खुशी एवं योग सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम Art of Living Foundation की फैकल्टी मीता गुप्ता एवं प्रख्यात हैप्पीनेस एवं योग प्रशिक्षक डॉ. श्रीकांत श्रीवास्तव के सहयोग से संपन्न हुआ। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सौम्या गुप्ता ने कराया। उन्होंने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं चक्र जागरण की प्रक्रियाओं का अभ्यास करवाते हुए बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आंतरिक ऊर्जा के विकास का प्रभावी माध्यम है। प्रतिभागियों को श्वास तकनीकों एवं चक्र संतुलन के जरिए तनाव मुक्ति और सकारात्मक सोच विकसित करने के उपाय बताए गए।
डॉ. श्रीकांत श्रीवास्तव ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में तनाव और चिंता युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। नियमित ध्यान और योगाभ्यास से एकाग्रता में वृद्धि, आत्मविश्वास में मजबूती और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास संभव है।
मीता गुप्ता ने आर्ट ऑफ लिविंग की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल संस्था नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और आनंदमय बनाने की एक कला है। उन्होंने सुदर्शन क्रिया, ध्यान और श्वास अभ्यास के लाभों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर चेयरमैन सी. एल. शेखर ने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों का मानसिक और आध्यात्मिक विकास भी आवश्यक है। एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर निहित शेखर ने छात्रों को योग को नियमित दिनचर्या में शामिल करने की प्रेरणा दी। निदेशक डॉ. जे. पी. श्रीवास्तव ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज विश्व स्तर पर अपनाया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने योग एवं ध्यान को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। यह सत्र विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक, लाभकारी और ऊर्जा से भरपूर रहा।
