सुमेरपुर में शिक्षकों की बैठक, 3 अप्रैल को बसों से दिल्ली रवाना होंगे शिक्षक
उन्नाव/सुमेरपुर। टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षकों द्वारा प्रस्तावित आंदोलन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 4 अप्रैल 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली विशाल महारैली और धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए विभिन्न शिक्षक संगठनों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
इसी क्रम में शनिवार को सुमेरपुर ब्लॉक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ब्लॉक इकाई तथा संघर्ष समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। यह बैठक ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में बीआरसी सभागार में संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक नेताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया।
आंदोलन को लेकर बनी रणनीति
बैठक में शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की। शिक्षकों ने निर्णय लिया कि सुमेरपुर ब्लॉक से बड़ी संख्या में शिक्षक 3 अप्रैल को बसों के माध्यम से दिल्ली के लिए रवाना होंगे, ताकि 4 अप्रैल को होने वाली महारैली में शामिल हो सकें।
बैठक में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि इस बार आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा और इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकी जाएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न शिक्षक संगठनों के बीच समन्वय स्थापित कर आंदोलन को मजबूत किया जा रहा है।
टीईटी अनिवार्यता पर विरोध
शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा को अनिवार्य किए जाने के निर्णय का विरोध जताते हुए इसे शिक्षकों के हितों के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि यह व्यवस्था कई वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण है और इससे उनकी नौकरी पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि, इस विषय पर सरकार की ओर से अभी तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि टीईटी का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर शिक्षकों के बीच असंतोष देखा जा रहा है।
पूर्व कार्यक्रमों को नहीं मिली अनुमति
बैठक में वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले घोषित धरना कार्यक्रमों को दिल्ली में अनुमति नहीं दी गई, जिससे शिक्षकों की आवाज को दबाने का प्रयास हुआ। इसके बावजूद संगठन ने अब 4 अप्रैल को महारैली आयोजित करने का निर्णय लिया है।
ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि इस बार शिक्षक किसी भी स्थिति में पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर अपनी मांगों को मजबूती से रखेंगे।
शिक्षक संगठनों की एकजुटता पर जोर
बैठक में विभिन्न संगठनों के नेताओं ने शिक्षक एकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि अलग-अलग संगठनों के बीच समन्वय बढ़ा है और सभी शिक्षक एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
संघर्ष समिति से जुड़े पदाधिकारियों ने भी कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। इसमें बसों की व्यवस्था, यात्रा मार्ग, संपर्क व्यवस्था और दिल्ली पहुंचने के बाद की रणनीति जैसे बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बड़ी संख्या में शिक्षकों की भागीदारी
बैठक में ब्लॉक स्तर के कई पदाधिकारी और शिक्षक शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया और “दिल्ली चलो” का नारा लगाया।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रस्तावित यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। 4 अप्रैल को दिल्ली में होने वाली महारैली में बड़ी संख्या में शिक्षकों के जुटने की संभावना है, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन सकता है।
