बरेली। टेलीकॉम कंपनियों द्वारा रिचार्ज प्लान और सेवाओं में की जा रही कथित अनियमितताओं के खिलाफ अब बरेली में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए मोर्चा खोलते हुए जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा है।
28 दिन का ‘खेल’ और आर्थिक बोझ
पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में टेलीकॉम कंपनियों के ’28 दिन वाले रिचार्ज प्लान’ को एक बड़ा आर्थिक स्कैम बताया गया। मुख्तार अहमद ने कहा कि 28 दिनों के चक्र के कारण उपभोक्ताओं को साल भर में अतिरिक्त रिचार्ज कराना पड़ता है, जो सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर डाका है। पार्टी ने मांग की है कि:
- सभी रिचार्ज प्लान की वैधता अनिवार्य रूप से 30 दिन की जाए।
- उपभोक्ताओं का बचा हुआ डेटा (Unused Data) अगले महीने के प्लान में कैरी फॉरवर्ड किया जाए।
खराब नेटवर्क और कॉल ड्रॉप से जनता त्रस्त
ज्ञापन में केवल रिचार्ज ही नहीं, बल्कि गिरती सेवा गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की है कि उपभोक्ता भारी-भरकम भुगतान कर रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें धीमी इंटरनेट स्पीड, बार-बार कॉल ड्रॉप और खराब नेटवर्क मिल रहा है। इसके अलावा, बिना जानकारी के वैल्यू एडेड सर्विस (VAS) एक्टिव कर बैलेंस काटने को भी एक गंभीर समस्या बताया गया।
मुख्य मांगें और चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन और सरकार से निम्नलिखित कदम उठाने की अपील की गई है:
-
- रिचार्ज प्लान्स में पारदर्शिता लाई जाए और छिपे हुए चार्ज (Hidden Charges) खत्म हों।
- ग्राहक सेवा (Customer Service) व्यवस्था को सुधारा जाए।
- टेलीकॉम कंपनियों की कार्यप्रणाली की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
”यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और कंपनियों की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनता के हितों के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”
— मुख्तार अहमद, प्रदेश संगठन मंत्री
पार्टी ने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और जनहित में ठोस नीतियां बनाने की मांग की है।
