लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सोमनाथ धाम के दर्शन के लिए प्रस्थान कर रहे सैकड़ों श्रद्धालुओं से भरी विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पूरा स्टेशन परिसर ‘जय सोमनाथ’ और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया, जिन्हें विदा करते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की।
सनातन आस्था और भारत का गौरव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय की तरह है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन आस्था अब केवल व्यक्तिगत विश्वास का विषय नहीं रही, बल्कि अपनी पूर्ण भव्यता के साथ भारत के गौरव को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा:
”सोमनाथ मंदिर भारत की अस्मिता और शाश्वत विजय का प्रतीक है। बार-बार आक्रमणों का सामना करने के बावजूद, यह पावन धाम हर बार और अधिक भव्यता के साथ खड़ा हुआ। यह यात्रा हमारे उसी स्वाभिमान और अटूट श्रद्धा का प्रकटीकरण है।”
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विरासत का सम्मान
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार विरासत और विकास के समन्वय पर काम कर रही है। अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण और काशी विश्वनाथ धाम के कायाकल्प के बाद, अब देशभर के ज्योतिर्लिंगों और शक्तिपीठों से जुड़ाव को नई दिशा मिल रही है।
स्वाभिमान यात्रा की प्रमुख विशेषताएं:
- श्रद्धालुओं की सुविधा: उत्तर प्रदेश से जा रहे श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई है।
- सांस्कृतिक जुड़ाव: यह यात्रा उत्तर प्रदेश और गुजरात के बीच के सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत करेगी।
- सुरक्षा और प्रबंधन: यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
सोमनाथ: विजय की अमर गाथा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि किस प्रकार सोमनाथ मंदिर ने विदेशी आक्रांताओं के क्रूर प्रहार सहे, लेकिन हमारी आस्था को कोई मिटा नहीं सका। उन्होंने कहा कि आज जब श्रद्धालु उत्तर प्रदेश की धरती से सोमनाथ जा रहे हैं, तो वे केवल दर्शन के लिए नहीं, बल्कि भारत की उस ‘शाश्वत विजय’ के उत्सव के सहभागी बनने जा रहे हैं, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है।
जन-जन की भागीदारी
इस अवसर पर मंत्रिमंडल के कई सदस्य, जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में आम जन उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस प्रयास से अब तीर्थ यात्राएं न केवल सुगम हुई हैं, बल्कि गौरवपूर्ण भी बन गई हैं।
’सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह बदलते भारत की उस तस्वीर को दर्शाती है जहाँ अपनी संस्कृति और मूल्यों के प्रति युवा पीढ़ी में भी गौरव का भाव जागृत हो रहा है। मुख्यमंत्री ने अंत में श्रद्धालुओं को मंगल तिलक लगाया और ट्रेन के प्रस्थान के समय हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया।
ब्यूरो रिपोर्ट, RUDRA YUKTI NEWS
