लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना” लागू कर दी है। इसके तहत ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। हालांकि समाज कल्याण विभाग के आवर्तक अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1300 शिक्षक इस योजना के दायरे से बाहर हैं, जिससे उनमें नाराजगी देखी जा रही है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा 5 जून 2026 को जारी पत्र संख्या 15/27-237 के माध्यम से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों एवं मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को योजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार योजना का लाभ राजकीय, सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों, इंटर कॉलेजों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को मिलेगा। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित कर्मचारियों को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
पंजीकरण की प्रक्रिया
शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निर्धारित पोर्टल पर जाकर “Apply for Health Card” विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद यूनिक कोड, मोबाइल नंबर एवं ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर परिवार के सदस्यों का विवरण, फोटो एवं आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन के सत्यापन के बाद ई-हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत जनपद स्तर पर गठित समिति आवेदन पत्रों का सत्यापन करेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शिक्षकों एवं कर्मचारियों को योजना की जानकारी देकर समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित कराएं।
समाज कल्याण विभाग के शिक्षक योजना से बाहर
समाज कल्याण विभाग के आवर्तक अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने योजना से बाहर रखे जाने पर आपत्ति जताई है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि विभाग इन विद्यालयों को अन्य सहायता प्राप्त विद्यालयों की तरह ही वेतन, महंगाई भत्ता, नगर प्रतिकर भत्ता, आवासीय भत्ता, चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, सेवानिवृत्ति लाभ तथा छात्रों को निःशुल्क भोजन एवं ड्रेस जैसी सुविधाएं प्रदान करता है।
इसके बावजूद मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना में इन विद्यालयों के शिक्षकों को शामिल न करना उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया है। शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि समाज कल्याण विभाग के आवर्तक अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1300 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भी योजना का लाभ दिया जाए।
शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सीताराम सिंह ने राज्य सरकार एवं समाज कल्याण विभाग से मांग करते हुए कहा कि यदि इन शिक्षकों को योजना में शामिल नहीं किया गया तो इसे उनके साथ सौतेला व्यवहार माना जाएगा। उन्होंने सरकार से शीघ्र निर्णय लेकर सभी पात्र शिक्षकों को समान रूप से कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
