उन्नाव (भगवंतनगर): राजनीति और समाजसेवा में अक्सर वादे तो बहुत होते हैं, लेकिन धरातल पर मदद के हाथ कम ही उठते हैं। इसी बीच भगवंतनगर क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी अंकित सिंह परिहार ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद कर जनसेवा की सच्ची मिसाल पेश की है।
बीमारी के बाद गहराया था आर्थिक संकट
मामला नगर पंचायत अचलगंज के मैकुआखेड़ा का है। यहाँ के निवासी युवक प्रियांशु यादव लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज कानपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। परिवार ने उन्हें बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; तमाम प्रयासों के बाद भी प्रियांशु को बचाया नहीं जा सका।
युवक के आकस्मिक निधन से जहाँ परिवार गहरे सदमे में था, वहीं इलाज के भारी-भरकम खर्च ने उन्हें आर्थिक रूप से भी तोड़ दिया था। अस्पताल के बिल बकाया होने के कारण परिवार को शव और कागजी कार्रवाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
’परिवार के बेटे की तरह हमेशा खड़ा रहूँगा’
जैसे ही इस हृदयविदारक स्थिति की जानकारी समाजसेवी अंकित सिंह परिहार को मिली, उन्होंने बिना देरी किए अस्पताल प्रशासन से संपर्क साधा। उन्होंने मानवता दिखाते हुए परिवार के सभी लंबित बिलों का भुगतान स्वयं किया और रसीदें परिजनों को सौंपी।
पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए अंकित सिंह परिहार ने भावुक मन से कहा:
”दुख की इस घड़ी में मैं इस परिवार के साथ हूं। हर संकट और कठिनाई में आप बिना संकोच मुझे सूचना दें। मैं इस परिवार के बेटे की तरह हमेशा आपके साथ खड़ा हूं और भविष्य में भी रहूंगा।”
क्षेत्र में हो रही सराहना
अंकित सिंह परिहार की इस पहल की भगवंतनगर और अचलगंज क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे न केवल संकट के समय सक्रिय रहते हैं, बल्कि बिना किसी शोर-शराबे के जरूरतमंदों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।
इसे भी पढ़ें:
समाजसेवी पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने गुरु चरणों में टेका मत्था, करौंदी में उमड़ा जनसैलाब
