खाद की कमी नहीं, गड़बड़ी करने वाले विक्रेताओं पर लगेगा आवश्यक वस्तु अधिनियम: जिलाधिकारी
बाराबंकी। जनपद में किसानों को लक्ष्य के अनुरूप पर्याप्त और समय से खाद उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद वितरण में किसी भी प्रकार की टैगिंग, अधिक मूल्य वसूली (ओवररेटिंग) या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कड़े निर्देश जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
बैठक में कृषि, सहकारिता विभाग और उर्वरक विक्रेताओं के साथ जनपद में खाद की उपलब्धता की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि वर्तमान में बाराबंकी में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सभी प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और कहीं भी कोई कमी नहीं है। सभी केंद्रों पर रोस्टर के अनुसार खाद बांटी जा रही है।
🚨 टैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध, जबरन सामान बेचा तो रद्द होगा लाइसेंस
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कड़े लहजे में कहा कि शासन के निर्देशानुसार उर्वरकों के साथ जबरन कोई अन्य उत्पाद बेचना (टैगिंग) पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने निर्देश दिए:
- कोई भी थोक या फुटकर विक्रेता किसानों पर अनुदानित खाद (जैसे यूरिया/डीएपी) के साथ जिंक, सल्फर, पोटाश या कोई अन्य गैर-अनुदानित उत्पाद खरीदने का दबाव नहीं बनाएगा।
- यदि किसी भी केंद्र या निजी दुकान से ऐसी शिकायत मिली, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- कोई भी विक्रेता निर्धारित सरकारी दर से ₹1 भी अधिक नहीं वसूलेगा।
🌾 चकबंदी वाले गांवों के लिए कृषि विभाग की विशेष टीम करेगी सत्यापन
डीएम ने उन गांवों के किसानों के लिए राहत भरा फैसला लिया है जहाँ चकबंदी प्रक्रिया चल रही है:
- जिन गांवों में चकबंदी के कारण ‘फार्मर रजिस्ट्री’ तैयार नहीं हो सकी है, वहां कृषि विभाग की विशेष टीम भेजी जाएगी।
- यह टीम मौके पर जाकर आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन करेगी।
- सत्यापन के तुरंत बाद पात्र किसानों को बिना किसी देरी के खाद उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उनका कृषि कार्य प्रभावित न हो।
⚖️ इन धाराओं में होगी सीधे जेल की कार्रवाई
जिलाधिकारी ने साफ किया कि वितरण व्यवस्था में भ्रष्टाचार या धांधली मिलने पर प्रशासन नरमी नहीं बरतेगा। दोषी विक्रेताओं के खिलाफ:
- उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश-1985
- आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 (Essential Commodities Act)
के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर सीधे जेल भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अन्ना सुदन, जॉइंट मजिस्ट्रेट सुश्री गुंजिता अग्रवाल, उप निदेशक कृषि उमेश शाहू, जिला कृषि अधिकारी राजित राम सहित सहकारिता विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: इंद्रराज राजपूत, बाराबंकी।
