बीघापुर, उन्नाव। भगवंत नगर विधानसभा क्षेत्र के बीघापुर ब्लॉक स्थित ग्राम ससान में कौमी एकता की एक अनुपम मिसाल देखने को मिली। यहाँ ‘हिन्दू-मुस्लिम समायोजित एकता कमेटी’ के तत्वावधान में हजरत औलिया शाह रहमतुल्लाह अलैह का 103वां सालाना उर्स मुबारक पूरे अकीदत (श्रद्धा) और भाईचारे के साथ मनाया गया। इस दौरान बाबा के दर पर शीश नवाने और मन्नतें मांगने के लिए अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा।
मुख्य अतिथि मानवेन्द्र सिंह ने की चादरपोशी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुविख्यात समाजसेवी एवं पुष्प फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह के बड़े भाई मानवेन्द्र सिंह शामिल हुए। उन्होंने हजरत औलिया शाह की मजार शरीफ पर पारंपरिक तरीके से चादरपोशी की। इस दौरान उन्होंने मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और समस्त देशवासियों की खुशहाली व तरक्की के लिए दुआ मांगी।
इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मानवेन्द्र सिंह ने कहा:
”दरगाहें हमारी गंगा-जमुनी तहजीब की जीती-जागती मिसाल हैं। यहाँ मजहब की दीवारें टूट जाती हैं और सभी धर्मों के लोग एक साथ मिलकर सिर झुकाते हैं। हिन्दू-मुस्लिम एकता से ही हमारा देश मजबूत होगा और विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।”
कव्वाली मुकाबले में जमा रंग, कव्वालों का हुआ सम्मान
उर्स के मौके पर एक शानदार कव्वाली मुकाबले का भी आयोजन किया गया, जिसमें उस्मान ताज (कानपुर) और करिश्मा ताज (CDTV सिंगर, नागपुर) की मशहूर कव्वाल पार्टियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि मानवेन्द्र सिंह ने दोनों कव्वाल पार्टियों के कलाकारों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने कव्वालों की हौसलाअफजाई के लिए प्रोत्साहन धनराशि दी और आयोजन समिति को भी आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
कौमी एकता के संदेश के साथ ‘लंगर’ का आयोजन
उर्स के दौरान हिन्दू-मुस्लिम एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए एक विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जहाँ सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद:
इस भव्य आयोजन में मुख्य रूप से नीलेश पटेल, बब्बन, शानू, सलमान, चुन्नू, प्रखर सिंह, अमन सिंह, अशोक पासवान, पिंकू यादव, राघवेंद्र, सूरज सिंह, सेनू यादव, आशू सिंह, सौरभ सिंह, सर्वेश कुमार रिंकू, कमलेश, अनूप, नूर मोहम्मद, कमेटी अध्यक्ष इस्ताया खान सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में जायरीन व अकीदतमंद मौजूद रहे।
