PM मोदी की पोस्ट विवाद के बीच AAP प्रमुख ने उठाए सवाल, Meta से जवाब नहीं मिलने का दावा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को लेकर Meta और केंद्र सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया कंपनी Meta पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत में उनके सोशल मीडिया अकाउंट को प्रतिबंधित (रिस्ट्रिक्ट) कर दिया गया है और इस संबंध में कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया जा रहा।
अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि उन्होंने Meta के भारत कार्यालय से कई बार संपर्क किया, लेकिन उन्हें अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि सिर्फ औपचारिक ईमेल प्राप्ति की पुष्टि भेजी गई, जबकि प्रतिबंध लगाए जाने का कारण और उसे हटाने की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनका अकाउंट भारत में सीमित किया गया है तो इसकी वजह सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है।
Meta और केंद्र सरकार के बीच पहले से जारी है विवाद
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 23 जुलाई की एक फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटाए जाने के कारण Meta पहले से ही केंद्र सरकार के निशाने पर है। पोस्ट हटने के बाद कंपनी ने उसे दोबारा बहाल किया और तकनीकी त्रुटि का हवाला देते हुए खेद भी व्यक्त किया।
मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार ने Meta के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया और प्लेटफॉर्म पर अवैध एवं आपत्तिजनक सामग्री की निगरानी, एल्गोरिदम की पारदर्शिता तथा भारतीय कानूनों के पालन को लेकर सवाल पूछे।
सरकार ने उठाए कई अहम मुद्दे
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान सरकार ने Meta से बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट, डीपफेक, सत्यापित (वेरिफाइड) खातों की सुरक्षा, एल्गोरिदम में संभावित पक्षपात और भारतीय कानूनों के अनुपालन जैसे विषयों पर जवाब मांगा। रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी ने अपने कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को और मजबूत करने की आवश्यकता स्वीकार की है।
फिलहाल Meta की ओर से सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं
अरविंद केजरीवाल के ताजा आरोपों पर Meta की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता, कंटेंट मॉडरेशन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
नोट: यह समाचार उपलब्ध सार्वजनिक बयानों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। Meta की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
Sorce – PS
