नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने मंगलवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान जारी गतिरोध को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं, जिससे सरकारों की कमियों और जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान हट रहा है।
मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उनकी पार्टी देश के युवाओं और खासकर ‘जेन जी’ से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके माता-पिता की समस्याएं केवल राजनीतिक मुद्दे नहीं हैं, बल्कि सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य से जुड़ी हुई हैं। BSP इन समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास कर रही है।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
मायावती का बयान ऐसे समय आया है, जब संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा तथा समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव और डिंपल यादव समेत अन्य विपक्षी नेता शामिल रहे।
विपक्ष की ओर से अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को मिले दान में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया जा रहा है। विपक्ष इन मामलों पर संसद में चर्चा और सरकार की ओर से जवाब की मांग कर रहा है।
डिंपल यादव ने सरकार से जवाब की मांग की
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि दोनों मुद्दों पर सरकार सदन में अपना पक्ष रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर इस विषय पर बयान देने से बच रहे हैं।
विपक्ष की ओर से छात्रों से जुड़े घटनाक्रम में सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग भी की जा रही है। वहीं, सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह के बयान और चर्चा की पेशकश किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है, लेकिन विपक्ष अपनी अन्य मांगों पर भी जवाब चाहता है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच युवाओं का मुद्दा केंद्र में
संसद में जारी टकराव के बीच मायावती ने BJP और विपक्ष दोनों को निशाने पर लेकर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं, छात्रों और उनके परिवारों से जुड़े वास्तविक सवालों पर राजनीति से ऊपर उठकर समाधान की दिशा में काम होना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच संसद का मानसून सत्र राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और विपक्ष के विरोध के कारण लगातार चर्चा में बना हुआ है।
