संपादकीय सलाहकार/सूर्यपाल प्रोटेक
उन्नाव। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों के तहत निर्वाचन नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हो गई है। इस अभियान के अंतर्गत अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुशील कुमार गोंड़ ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इस अभियान के तहत तैयारी, प्रशिक्षण एवं मुद्रण का कार्य 28 अक्तूबर से 3 नवंबर 2025 तक किया जाएगा। घर-घर गणना का कार्य 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जबकि मतदान केंद्रों का पुनर्विन्यास 4 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर 2025 को किया जाएगा और दावे-आपत्तियां 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। इनके निस्तारण की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 तय की गई है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन नामावलियों को पूर्ण, शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटि रहित बनाना है। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है, वहीं मृतक अथवा अपात्र व्यक्तियों के नामों को सूची से हटाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में बूथ लेवल रजिस्ट्री आइडेंटिटी प्रणाली लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राजनीतिक दल अपने बूथ स्तर के एजेंट नियुक्त कर सकेंगे, जो मतदाता सूची के शुद्धिकरण और अद्यतन कार्य में सहयोग करेंगे।
अपर जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने एजेंटों को प्रशिक्षित करें ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे। साथ ही आम नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें, त्रुटियों की जानकारी दें और 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र युवाओं को मतदाता पंजीकरण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए और कोई भी अपात्र नाम सूची में सम्मिलित न हो।
