फोरेंसिक जांच के लिए दिल्ली भेजा गया DVR; 18-20 हजार की सैलरी वालों के पास मिले महंगे आईफोन और लग्जरी गाड़ियां, जांच तेज।
अयोध्या।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच के दौरान एसईओ और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बेहद गंभीर तथ्य सामने आया है। मंदिर परिसर के भीतर जिस कक्ष में नोटों की गिनती होती थी, वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की रिकॉर्डिंग कई बार डिलीट की गई है। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी सक्रियता दोगुनी कर दी है।
दिल्ली की फोरेंसिक लैब भेजा गया डीवीआर (DVR)
सूत्रों के मुताबिक, सीसीटीवी सिस्टम के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को तकनीकी और गहन जांच के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। फोरेंसिक विशेषज्ञ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह डेटा कब-कब डिलीट किया गया, इसे हटाने के पीछे किसका हाथ था और क्या डिलीट की जा चुकी पुरानी फुटेज को दोबारा रिकवर किया जा सकता है। एसआईटी का मानना है कि अगर यह फुटेज रिकवर हो जाती है, तो हेराफेरी के खेल से पूरी तरह पर्दा उठ जाएगा।
ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्था पर SIT का फोकस
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे और जिम्मेदारियों का भी बारीक अध्ययन शुरू कर दिया है। जांच टीम ने ट्रस्ट के कामकाज को दो हिस्सों में बांटकर देखना शुरू किया है:
- आंतरिक व्यवस्था: परिसर के भीतर की व्यवस्थाओं और नोटों की गिनती की जिम्मेदारी गोपाल राव और डॉ. अनिल मिश्रा के पास थी।
- बाहरी व्यवस्था: ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बाहरी मामलों का जिम्मा संभालते थे।
चूंकि मामला नोटों की गिनती वाले रूम से जुड़ा है, इसलिए जांच एजेंसियां आंतरिक व्यवस्थाओं को देखने वाले अधिकारियों और उनके द्वारा तैनात किए गए स्टाफ की भूमिका की कड़ाई से पड़ताल कर रही हैं।
सीमित वेतन, लग्जरी लाइफस्टाइल; संदेह के घेरे में कर्मचारी
जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू उन कर्मचारियों से जुड़ा है, जिनकी आय तो बेहद सीमित है लेकिन उनकी जीवनशैली (Lifestyle) अचानक राजा-महाराजाओं जैसी हो गई। एसआईटी अब ऐसे कर्मचारियों की कुंडली खंगाल रही है।
जांच के मुख्य बिंदु:
- जिन कर्मचारियों का मासिक वेतन मात्र 18,000 से 20,000 रुपये है, उनके पास महंगे स्मार्टफोन (आईफोन) और लग्जरी गाड़ियां कहां से आईं?
- संदिग्ध कर्मचारियों के बैंक खातों के ट्रांजैक्शन, उनकी अचल संपत्तियों और हाल के दिनों में किए गए बड़े खर्चों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
250 कर्मचारी जांच के दायरे में, अलग-अलग बुलाकर पूछताछ
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में मंदिर प्रशासन और चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े करीब 250 कर्मचारी एसआईटी के रडार पर आ सकते हैं। जांच टीम ने नोटों की गिनती करने वाले कर्मचारियों को अलग-अलग बुलाकर उनके बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं, ताकि बयानों के विरोधाभास को पकड़ा जा सके।
इसके साथ ही, इन कर्मचारियों की नियुक्ति किस प्रक्रिया के तहत हुई, इन्हें कैश रूम जैसी संवेदनशील जगह पर ड्यूटी किस आधार पर दी गई, और इनकी निगरानी की क्या व्यवस्था थी—इससे जुड़े सभी प्रशासनिक दस्तावेज और फाइलें एसआईटी ने अपने कब्जे में ले ली हैं।
एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कुछ बेहद रसूखदार चेहरों पर गाज गिर सकती है। जांच एजेंसियां हर पहलू को बारीकी से जोड़ रही हैं और साफ कर दिया गया है कि मंदिर के चढ़ावे में सेंध लगाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
Source – PBSHABD
