मौरावां/उन्नाव। हिलौली ब्लॉक के बचुवाखेड़ा गांव में आयोजित ‘जय बाला जी क्रिकेट प्रतियोगिता’ का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अंतिम ओवर तक चले इस सांसे रोक देने वाले मैच में लउवा की टीम ने हिलौली को 2 विकेट से शिकस्त देकर विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली। शानदार खेल और कड़े मुकाबले ने मैदान पर मौजूद सैकड़ों दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
गेंदबाजों के आगे बेबस दिखी हिलौली की टीम
फाइनल मुकाबले में लउवा टीम के कप्तान मनीष यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। बल्लेबाजी करने उतरी हिलौली की टीम लउवा के गेंदबाजों की अनुशासित और कसी हुई लाइन-लेंथ के सामने पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई। निर्धारित 10 ओवरों के खेल में हिलौली की टीम महज 44 रनों के स्कोर पर ही सिमट गई। लउवा की घातक गेंदबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरी पारी के दौरान हिलौली का कोई भी बल्लेबाज एक भी चौका या छक्का नहीं लगा सका।
अंतिम ओवर के रोमांच में लउवा की खिताबी जीत
आसान से दिखने वाले 45 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लउवा टीम की राह भी आसान नहीं रही। हिलौली के गेंदबाज अभय त्रिपाठी और अंशू शर्मा ने बेहतरीन स्पेल डालते हुए लउवा के बल्लेबाजों की नाक में दम कर दिया। लगातार गिरते विकेटों के कारण मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया। अंतिम ओवर की चौथी गेंद तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे में आखिरकार लउवा ने 2 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया और खिताबी जीत दर्ज की।
नकद पुरस्कार और ट्रॉफी से नवाजी गईं टीमें
प्रतियोगिता के समापन पर मुख्य अतिथि द्वारा विजेता टीम लउवा को चमचमाती ट्रॉफी के साथ 25,000 रुपये और उपविजेता टीम हिलौली को ट्रॉफी के साथ 13,000 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
“गलतियों से सीखकर ही खिलाड़ी बनते हैं चैंपियन” : आकाश यादव
इससे पूर्व, मैच की शुरुआत मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे युवा समाजसेवी आकाश यादव ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर कराई। मैदान पर उपस्थित खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:
”क्रिकेट में हार से चिंतित होने के बजाय इसे एक सीखने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। हार हमें हमारी कमजोरियों का सही आकलन करने और भविष्य में बेहतर रणनीति बनाने का मौका देती है। खेल में जीत और हार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दुनिया के महान खिलाड़ी भी अपनी गलतियों से सीखकर ही चैंपियन बनते हैं।”
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, ये लोग रहे मौजूद
मैच के दौरान उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद रही। इंस्पेक्टर कुंवर बहादुर सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ मुस्तैद नजर आए, जिससे मैच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मुकाबले में अंपायर की भूमिका विराट और गोलू ने निभाई।
इस ऐतिहासिक फाइनल मैच के गवाह बनने वालों में डॉ. सुशील यादव, सुनील सिंह, बच्चा मिश्रा, शिशू मिश्रा, गुड्डू सविता, मुकेश निर्मल, नौनेत्र यादव, तैयब खान, आकाश यादव और संजय यादव सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय खेल प्रेमी मौजूद रहे।
