शमसाद सिद्धिकी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब ‘नवाबों के शहर’ से ज्यादा अपराधों की सुर्खियां बटोर रही है। ताजा मामला थाना बाजार खाला के ऐशबाग चौकी क्षेत्र का है, जहां अग्रसेन पार्क में एक अज्ञात युवक की बर्बरता से हत्या कर दी गई। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
गोली नहीं, डंडों और घूंसों से ली जान
शुरुआती जानकारी में चर्चा थी कि युवक को गोली मारी गई है, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हकीकत कुछ और ही थी। हमलावरों ने युवक को गोलियों से नहीं, बल्कि डंडों और घूंसों से बुरी तरह पीट-पीटकर मौत के घाट उतारा। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो सरेराह किसी का खौफ है और न ही पुलिस की मुस्तैदी का डर।
अपराध का ‘हॉटस्पॉट’ बनता बाजार खाला
बाजार खाला इलाका हाल के दिनों में अपराध का केंद्र बनता दिख रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही इसी थाना क्षेत्र में गोलीबारी की घटना हुई थी। लोग उस खौफ से उबर भी नहीं पाए थे कि आज फिर एक लाश ने पुलिस के लिए बड़ी चुनौती पेश कर दी है। राजधानी में लगातार हो रही ये हत्याएं इस बात का प्रमाण हैं कि अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।
मौके पर भारी पुलिस बल, जांच जारी
वारदात की सूचना मिलते ही एसीपी (ACP), बाजार खाला कोतवाल और चौकी इंचार्ज भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त की कोशिशें तेज कर दी हैं। हालांकि, बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि जब साजिशें रची जाती हैं और अपराध को अंजाम दिया जाता है, तब पुलिस की ‘इंटेलिजेंस’ और ‘गश्त’ कहां होती है?
कब थमेगा वारदातों का सिलसिला?
राजधानी की सड़कों पर बढ़ता अपराध आम आदमी के लिए असुरक्षा का सबब बन गया है। अब देखना यह है कि बाजार खाला पुलिस इस ‘मर्डर मिस्ट्री’ की गुत्थी कब तक सुलझा पाती है और क्या फरार हमलावरों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा?
