पुरवा, उन्नाव। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत बुधवार को विकासखंड हिलौली के कंपोजिट विद्यालय भवानीगंज में भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सुरेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर किया। रैली में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा गांव में भ्रमण कर अभिभावकों को अपने बच्चों का विद्यालय में प्रवेश कराने और नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।
रैली कंपोजिट विद्यालय भवानीगंज से प्रारंभ होकर गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इस दौरान बीईओ सुरेश कुमार स्वयं रैली के साथ पैदल चले और ग्रामीणों से संवाद करते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी बच्चों का समय से विद्यालय में नामांकन कराकर उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई के लिए भेजें।
रैली के दौरान छात्र-छात्राओं ने शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने वाले आकर्षक और प्रेरणादायक नारे लगाए। “शिक्षा ऐसी सीढ़ी है, जिससे चलती पीढ़ी है”, “हम बच्चों का नारा है, शिक्षा अधिकार हमारा है”, “हर घर का यही सपना, हर बच्चा पढ़े अपना” और “स्कूल चलें हम” जैसे नारों से पूरा वातावरण शिक्षामय हो गया। ग्रामीणों ने भी रैली का स्वागत किया और शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश को सराहा।
खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य केवल नए बच्चों का नामांकन कराना ही नहीं, बल्कि ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ना तथा शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने शिक्षकों से घर-घर संपर्क कर ऐसे बच्चों की पहचान करने और उन्हें विद्यालय से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में एआरपी विनोद कुमार, प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार, प्राथमिक शिक्षक संघ के तहसील प्रभारी एवं गणित शिक्षक शिवम चौरसिया, शिक्षक सतीश कुमार, वंदना शर्मा, रचना दीक्षित, ममता यादव, अर्चना, संगीता, पुनीत सहित विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने शिक्षा के प्रचार-प्रसार और प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का संकल्प लिया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्कूल चलो अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। ग्रामीणों में भी बच्चों की शिक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश पहुंचा और अधिक से अधिक बच्चों के विद्यालय से जुड़ने की उम्मीद जताई गई।
