पाटन, उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र के ग्राम छेदाखेड़ा (मजरा पनहन) में वर्षों पुराना प्रेम आखिरकार विवाह के पवित्र बंधन में बदल गया। काफी उतार-चढ़ाव के बाद प्रेमी युगल ने परिजनों और पुलिस की मौजूदगी में एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाईं। इस अनोखी शादी और प्रेम कहानी के सुखद अंत की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी हुई है।
थाने पहुंची शिकायत के बाद बदला घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, छेदाखेड़ा गांव निवासी शिवम (22) पुत्र रामनरेश और नैंसी (20) पुत्री शिवलाल के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहे थे। दोनों एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी बनाना चाहते थे, लेकिन किन्हीं कारणों से विवाह की बात आगे नहीं बढ़ पा रही थी और स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसी बीच, युवती पक्ष ने मामले की शिकायत बिहार थाना पुलिस से कर दी।
पाटन चौकी में दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को पाटन चौकी बुलाया। यहाँ युवक-युवती और उनके परिजनों को आमने-सामने बिठाकर विस्तृत बातचीत कराई गई। काफी देर तक चली समझाइश और काउंसलिंग के बाद, दोनों प्रेमियों ने अपनी इच्छा से एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की बात दोहराई। इसके बाद माहौल भावुक हो गया और दोनों के परिजनों ने भी इस रिश्ते को सहर्ष स्वीकार कर लिया।
शिव मंदिर में गूंजी शहनाई, पुलिस बनी गवाह
सहमति बनने के तुरंत बाद, पुलिस की मौजूदगी में तहसील परिसर स्थित शिव मंदिर में विवाह की रस्में शुरू कराई गईं। भगवान शिव को साक्षी मानकर शिवम ने नैंसी की मांग में सिंदूर भरा और उसे अपनी जीवनसंगिनी स्वीकार किया। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की।
इस संबंध में पाटन चौकी में तैनात दीवान सूर्यधर द्विवेदी ने बताया कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं। दोनों की आपसी सहमति और उनके परिजनों की मौजूदगी में ही यह विवाह पूरी कानूनी और सामाजिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया गया है।
