ग्राम शुक्लाखेड़ा में चल रही कथा में भक्तिमय हुआ वातावरण
पाटन (उन्नाव)।तहसील बीघापुर क्षेत्र के ग्राम शुक्लाखेड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा प्रवक्ता श्रीकृष्ण द्विवेदी महाराज ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को धर्म, सत्य और मानवता का महत्व समझाया।
महाराज श्री ने कहा कि “कलियुग कोई समय नहीं, बल्कि समाज और घर-घर में व्याप्त विसंगतियां ही कलियुग का प्रतीक हैं।” उन्होंने सनत कुमारों की कथा, नारद के अवतारों की कथा और देवी सती चरित का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि व्यक्ति यदि अपने जीवन में सत्य, संयम और सेवा को अपनाए तो वही वास्तविक धर्म है।
कथा के दौरान संगीतमय भजनों की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजन गायक पथिक जी द्वारा प्रस्तुत भजन “हरि नाम जपो मन रे” पर श्रद्धालु झूम उठे। तालियों की गूंज से पूरा पंडाल गूंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम के आयोजक विधुभूषण त्रिवेदी ‘विद्यावाचस्पति’ ने ग्राम शुक्लाखेड़ा सहित आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “कलियुग में केवल भगवान का नाम ही आधार है। हमें सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संस्कारों को अपनाकर मानवता का आचरण अपने जीवन में उतारना चाहिए। यही श्रीमद्भागवत कथा और धर्मशास्त्रों का सार है।”
श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आत्मिक शांति का अनुभव किया। ग्राम में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
आयोजकों ने बताया कि आगामी 8 नवम्बर की रात्रि को भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के ख्यातिलब्ध कवि अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे।
