नई दिल्ली। डिजिटल इंडिया मिशन को नई दिशा देते हुए यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने आधार कार्ड का एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के ज़रिए अब यूजर्स अपने आधार कार्ड को मोबाइल में सुरक्षित रख सकेंगे और ज़रूरत पड़ने पर क्यूआर कोड स्कैन करके आधार डिटेल्स शेयर कर सकेंगे। यानी अब आधार की फिजिकल कॉपी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
UIDAI के अनुसार, नए ऐप में एक ही मोबाइल पर पांच परिवार सदस्यों के आधार प्रोफाइल जोड़े जा सकते हैं। साथ ही यह ऐप ऑफलाइन मोड में भी काम करेगा, जिससे इंटरनेट न होने पर भी आधार जानकारी देखी जा सकेगी।
🔹 नए ऐप की प्रमुख विशेषताएं
- डिजिटल कैरी सुविधा: अब ई-आधार हमेशा फोन में रहेगा, पेपर कार्ड की जरूरत खत्म।
- फेस स्कैन से शेयरिंग: किसी संस्था के साथ आधार साझा करते समय फेस स्कैन की अनुमति देनी होगी, जिससे सुरक्षा बनी रहे।
- सिक्योर लॉगिन: बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से ऐप खुलेगा, जिससे डेटा सुरक्षित रहेगा।
- मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट: ऐप हिंदी, अंग्रेज़ी समेत कई भाषाओं में उपलब्ध है।
- ऑफलाइन एक्सेस: बिना इंटरनेट के भी आधार विवरण देखा जा सकता है।
🔹 पुराने ऐप से फर्क
पहले mAadhaar ऐप केवल आधार डाउनलोड, अपडेट और PVC कार्ड ऑर्डर करने तक सीमित था।
नया ऐप इससे अधिक सुरक्षित और उपयोगी है— इसमें डिजिटल शेयरिंग, प्राइवेसी कंट्रोल और सिलेक्टिव डिस्क्लोजर जैसी नई सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यूजर तय कर सकेगा कि कौन-सी जानकारी साझा करनी है।
🔹 उपयोगकर्ताओं को फायदे
इस नए ऐप के आने से बैंक KYC, मोबाइल सिम एक्टिवेशन, होटल चेक-इन जैसी प्रक्रियाएं तेज़ और आसान होंगी।
परिवार के सभी सदस्यों के आधार एक ही मोबाइल में रखने की सुविधा से फैमिली मैनेजमेंट सरल होगा और डेटा की सुरक्षा बढ़ेगी।
🔹 आधार की यात्रा
आधार योजना की शुरुआत 2009 में हुई थी और आज 130 करोड़ से अधिक भारतीयों के पास आधार है।
पेपर कार्ड से शुरू होकर अब यह ऐप पूरी तरह डिजिटल, सिक्योर और प्राइवेसी-फर्स्ट रूप में विकसित हो चुका है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में सभी सरकारी व निजी सेवाएं पूरी तरह पेपरलेस और ऑनलाइन हों।
