कोलकाता/प्रयागराज: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच दक्षिण 24 परगना में मुकाबला बेहद रोमांचक और तनावपूर्ण हो गया है। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित IPS अधिकारी और ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ कहे जाने वाले अजय पाल शर्मा को बतौर ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) तैनात किया है। उनकी तैनाती के साथ ही बंगाल के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
TMC समर्थकों को दो टूक: “तब रोना मत…”
IPS अजय पाल शर्मा ने बंगाल पहुंचते ही अपना कड़ा रुख साफ कर दिया है। दक्षिण 24 परगना के फाल्टा इलाके में मतदाताओं को धमकाने की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए शर्मा ने TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के समर्थकों और परिवार को सख्त चेतावनी दी। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में वे कहते नजर आ रहे हैं— “उसे बता दो, अगर उसके आदमी धमकाना जारी रखते हैं तो हम उससे ठीक से निपटेंगे… तब रोना या पछताना मत।”
डॉक्टर से ‘सिंघम’ बनने का सफर
2011 बैच के IPS अजय पाल शर्मा की पहचान एक बेहद तेज-तर्रार अधिकारी की रही है।
- पेशे से डेंटिस्ट: IPS बनने से पहले वे एक डेंटिस्ट थे। उनके भाई भी IAS अधिकारी हैं।
- UP में खौफ: शामली, नोएडा और रामपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने दर्जनों एनकाउंटर का नेतृत्व किया।
- ऑटो में गश्त: नोएडा में भ्रष्टाचार पकड़ने के लिए वे खुद सादे कपड़ों में ऑटो-रिक्शा से सड़कों पर निकले थे।
- वर्तमान तैनाती: फिलहाल वे प्रयागराज में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर तैनात हैं।
विवादों से भी रहा है पुराना नाता
जहाँ एक तरफ उनकी फैन फॉलोइंग लाखों में है, वहीं उनका करियर विवादों से भी घिरा रहा है।
- भ्रष्टाचार के आरोप: विपक्ष और TMC उन पर ‘कैश-फ़ॉर-पोस्टिंग’ और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाती रही है।
- राजनीतिक घमासान: TMC सांसद महुआ मोइत्रा और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनकी तैनाती पर सवाल उठाते हुए उन्हें “BJP एजेंट” तक करार दिया है।
TMC बनाम अजय पाल शर्मा: “बंगाल, UP नहीं है”
ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने शर्मा की कार्यशैली पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने ट्वीट कर चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “योगी के पसंदीदा ‘काउबॉय’ अधिकारी अपनी हद में रहें, बंगाल उत्तर प्रदेश नहीं है।”
दक्षिण 24 परगना, जो अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है, वहां अजय पाल शर्मा की मौजूदगी ने चुनाव आयोग के इरादे साफ कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में ‘सिंघम’ की सख्ती चुनावी नतीजों पर क्या असर डालती है।
