उन्नाव। जिले में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच अचानक भड़की तनातनी ने अदालत परिसर को तनाव के केंद्र में ला दिया। सूत्रों के अनुसार, दही थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार अधिवक्ता को रिमांड पर लेने पहुँची पुलिस का वकीलों ने विरोध शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते गंभीर विवाद में बदल गया।
टकराव में दोनों पक्षों के लोग घायल
सूत्र बताते हैं कि वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक के बाद स्थिति हाथापाई तक पहुँच गई। घायल अधिवक्ता पीयूष लोधी को वकीलों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं पुलिस का दावा है कि झड़प में सिपाही शोभित भी घायल हुआ है।
शराब पीकर गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद
पीयूष लोधी का कहना है कि विवाद तब शुरू हुआ जब उनके पड़ोसी शराब के नशे में हंगामा कर रहे थे। रोकने पर विवाद बढ़ा और आरोप है कि थाना प्रभारी अवनीश सिंह समेत पुलिसकर्मी घर में घुस आए और परिवार के साथ मारपीट की। अधिवक्ता ने दरवाजा तोड़ने और माँ–बहन से दुर्व्यवहार के भी आरोप लगाए।
विपक्ष से मिलीभगत का आरोप
पीयूष लोधी ने थाना प्रभारी पर विपक्षी पक्ष से पैसे लेकर कार्रवाई करने और फर्जी मुकदमा दर्ज कराने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कोर्ट में धारा 156(3) के तहत कार्रवाई के लिए अर्जी दी थी।
पुलिस ने सात लोगों पर दर्ज किया मुकदमा
हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने पीयूष लोधी और शिवम लोधी को गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें रिमांड पर लेने के लिए अदालत पहुँची थी।
रिमांड आवेदन खारिज, वकीलों का भारी विरोध
अदालत में वकीलों के तीखे विरोध के बाद न्यायालय ने पुलिस का रिमांड आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता परिसर में एकजुट होकर विरोध प्रकट करते रहे।
तनाव को देखते हुए अदालत परिसर में भारी सुरक्षा
स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने अदालत परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है और अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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