लखनऊ। सरोजनीनगर थाने की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए शांति नगर कॉलोनी के निवासियों ने थाने पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। कॉलोनी की निवासी किरन त्रिपाठी ने अपने घर में चोरी होने की सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिस ने घटना की प्रारंभिक जांच किए बिना ही 27 नवंबर 2025 को मोहल्ले के 11 सम्मानित लोगों के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कर दिया।
70 से अधिक लोग पहुंचे थाना, थाना प्रभारी पर पक्षपात के आरोप
शांति नगर विकास समिति के करीब 70 कॉलोनीवासी मंगलवार को सरोजनीनगर थाने पहुंचे और थाना प्रभारी की कार्यशैली पर कड़ा एतराज़ जताया। कॉलोनीवासियों का कहना था कि—
“पुलिस को पहले यह जांच करनी चाहिए थी कि चोरी हुई भी है या नहीं। नाम बताकर किसी के भी खिलाफ मुकदमा लिख देना न्याय के खिलाफ है।”
दिलीप त्रिपाठी परिवार पर लगाया दबंगई का आरोप
कॉलोनीवासियों ने बताया कि शिकायतकर्ता पक्ष के दिलीप त्रिपाठी उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात हैं। आरोप है कि वह अपनी वर्दी का रौब दिखाते हुए अपने तीन पुत्रों—अभिषेक त्रिपाठी, सूरज त्रिपाठी और शुभम त्रिपाठी—के साथ आए दिन मोहल्ले के लोगों से विवाद करते रहते हैं। विरोध करने पर वे पुलिस में झूठी शिकायतें देकर निर्दोष लोगों पर दबाव बनवाते हैं।
समिति अध्यक्ष ने दिया लिखित शिकायत पत्र
शांति नगर विकास समिति के अध्यक्ष उदयवीर सिंह ने थाने में समिति के लेटर पैड पर लिखित शिकायत देकर मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और गलत तरीके से दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएँ।
अध्यक्ष का कहना था—
“मोहल्ले में यदि कोई वास्तविक चोरी होती है तो पुलिस रिपोर्ट तक नहीं लिखती, लेकिन यहाँ बिना सबूत हमारे सम्मानित लोगों पर जानबूझकर मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे उनकी छवि को नुकसान पहुँचाया गया है।”
सीएम से लेकर डीसीपी तक भेजी शिकायत
पीड़ितों ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव (गृह), पुलिस कमिश्नर लखनऊ और डीसीपी दक्षिणी को स्पीड पोस्ट से भेजकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
