उन्नाव। तहसील बीघापुर क्षेत्र के बिहार–बक्सर मार्ग पर तेज रफ्तार और ओवरलोड डम्परों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। आम राहगीर, स्कूली बच्चे, ग्रामीण तथा छोटे वाहन चालक रोजाना इन भारी वाहनों के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। डम्पर चालक न केवल अनियंत्रित गति से वाहन दौड़ाते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाते हुए नजर आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में इस मार्ग पर कई गंभीर दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। कुछ लोगों ने अपनी जान तक गंवाई है, जबकि कई घायल अब भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस और प्रभावी कदम न उठाए जाने से लोगों में आक्रोश और भय दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
राहगीरों ने बताया कि डम्परों की तेज रफ्तार इतनी खतरनाक है कि सड़क किनारे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद अब तक न तो नियमित चेकिंग हो रही है और न ही ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाई जा रही है। प्रशासन की यह चुप्पी अब लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएँ, ओवरलोड रोकथाम अभियान चलाया जाए, वाहनों की फिटनेस जांच अनिवार्य की जाए और नियमित चेकिंग की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ओवरलोड डम्परों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से इस “मौत के खेल” पर तत्काल रोक लगाने और आम जनता को राहत दिलाने के लिए कड़े कदम उठाने की अपील की है।
