बरेली। आज गरीब शक्ति दल के पदाधिकारियों ने भारत में बढ़ते अपराध और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर अपनी प्रमुख मांगों के संबंध में महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को बरेली जिला मुख्यालय पर सौंपा। संगठन ने अपराध नियंत्रण, निष्पक्ष जांच प्रणाली और शिक्षक भर्ती से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
ज्ञापन में संगठन प्रमुख मनोज विकेट ने कहा कि देश में अपराध चरम सीमा की ओर बढ़ रहा है, जिसका उदाहरण भारतीय जेलों में बढ़ती कैदियों की संख्या से देखा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस से पृथक कोई स्वतंत्र विशेष जांच दल (SIT) या न्यायिक स्तर की एजेंसी व्यापक रूप से गठित नहीं है। उनका कहना था कि थानों में तैनात दरोगाओं को ही विवेचक बनाकर जांच सौंपी जाती है, जिससे कई बार निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं और बदले की भावना से दर्ज होने वाले झूठे मुकदमों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाती।
संगठन ने सरकार से मांग की कि देश में अपराध बढ़ने के कारणों पर गंभीर मंथन किया जाए और स्वतंत्र जांच एजेंसियों के गठन पर विचार हो। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालयों के मुखियाओं को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
गरीब शक्ति दल ने भारत में अपराध बढ़ने के पीछे शिक्षा व्यवस्था की कमजोरी को भी एक बड़ा कारण बताया। संगठन का आरोप है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के चलते अशिक्षित समाज की स्थापना हो रही है, जो आगे चलकर सामाजिक अव्यवस्था और अपराध को जन्म देती है। ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षकों की नियुक्ति के दौरान जातिगत पूर्वाग्रह और भेदभाव के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट 1989 के उल्लंघन के मामले भी सामने आए हैं, जिससे गरीब अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल पाता।
संगठन ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए 69000 शिक्षक भर्ती प्रकरण को उठाया। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर अनेक अभ्यर्थी धनाभाव के कारण हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर नहीं कर सके और आज वे लखनऊ में आंदोलन करने को मजबूर हैं। ऐसे परिवार आर्थिक संकट और भुखमरी की स्थिति का सामना कर रहे हैं।
ज्ञापन में आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि उत्तर प्रदेश में अशिक्षित समाज की संख्या लगभग 2.24 करोड़ बताई जाती है, जबकि सरकारी स्कूलों में करीब 1.68 करोड़ छात्र अध्ययनरत हैं और शिक्षकों की संख्या लगभग 6.35 लाख के आसपास है। संगठन का कहना है कि शिक्षकों की कमी के रहते गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षित समाज की स्थापना संभव नहीं है।
गरीब शक्ति दल ने मांग की कि 69000 शिक्षक भर्ती प्रकरण में ऐसे गरीब अभ्यर्थियों का सर्वे कराकर, जो आर्थिक तंगी के कारण न्यायालय में अपनी पैरवी नहीं कर सके, उन्हें तत्काल न्याय देते हुए नियुक्ति प्रदान की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में मनोज विकेट, संजीव सागर, गिरीश चंद्र सक्सेना, संजय सक्सेना (एडवोकेट), मुर्शिद, नूर्वी, मोहम्मद रफी, कंचन सहित दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
