गुणवत्ता, समयसीमा और सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं—लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई
इंद्रराज राजपूत, बाराबंकी।
जनपद बाराबंकी में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन के साथ ₹50 लाख से अधिक लागत वाली सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यों की परियोजनावार प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप, गुणवत्तापूर्ण एवं तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा अधोमानक सामग्री के उपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण कर अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिन प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई, उनमें बनीकोडर, सिरौलीगौसपुर एवं नवाबगंज में निर्माणाधीन आईटीआई भवन, भिटरिया में बस स्टेशन, रामसनेहीघाट स्थित कल्याण मंडप, राजकीय पॉलिटेक्निक बाराबंकी में छात्रावास निर्माण, सतरिख की राजकीय पौधशाला, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय तीरगांव में ट्रांजिट हॉस्टल, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत संचालित सरकारी कृषि फार्म, जीजीआईसी देवा, डायट गणेशपुर में फाउंडेशन कार्य, बनीकोडर स्थित बुढ़वाबाबा मंदिर में कराए जा रहे निर्माण कार्य, थाना जैदपुर, सतरिख, आरएस घाट, देवा एवं मसौली के निर्माण कार्य सहित अन्य परियोजनाएं शामिल रहीं।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि सभी कंस्ट्रक्शन साइट पर आवश्यक व्यवस्थाएं एवं सुरक्षा मानक सुनिश्चित किए जाएं, जिससे श्रमिकों एवं आमजन की सुरक्षा बनी रहे। उन्होंने आगामी बैठक में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन को लेकर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
सड़क निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि संबंधित अधिशासी अभियंता अपने-अपने क्षेत्र की सड़कों की स्थिति सुनिश्चित करें। यदि किसी सड़क की खराब स्थिति की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित अधिशासी अभियंता की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड, सीडी-1, सीडी-3), जल निगम, बाढ़ खंड, नेडा, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, उद्यान अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के तकनीकी एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
