उन्नाव | कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में तहसील स्तर पर संचालित राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में तहसील न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण, स्वामित्व योजना के अंतर्गत घरौनी की प्रगति, राजस्व वसूली, मुख्यमंत्री संदर्भों तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने तहसील न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि लक्ष्य निर्धारित कर प्राथमिकता के आधार पर पुराने वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। धारा 34, 67 सहित अन्य पुराने मामलों में विशेष अभियान चलाकर शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा किसी भी न्यायालय में अनावश्यक रूप से वाद लंबित न रहें।
घरौनी की प्रगति पर जताई नाराजगी
स्वामित्व योजना के अंतर्गत घरौनी वितरण की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने ड्रोन सर्वे सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से घरौनी उपलब्ध कराई जाए और प्रगति में सुधार लाया जाए।
बड़े बकायेदारों पर सख्ती
राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बड़े बकायेदारों को कतई बख्शा न जाए। अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर वसूली सुनिश्चित की जाए और निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री संदर्भों का समयबद्ध निस्तारण
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री संदर्भों का गुणवत्तापूर्ण एवं समय से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी तहसील में प्रकरण लंबित न रहे तथा डिफाल्टर की स्थिति से बचा जाए।
पैमाइश कार्य में गुणवत्ता अनिवार्य
पैमाइश से जुड़े मामलों में गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को पारदर्शिता के साथ कार्य करने को कहा। लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड़, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमिताभ यादव, सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज, उपजिलाधिकारी सदर, हसनगंज, पूर्वा, बीघापुर सहित सभी तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
