स्वयं सहायता समूहों की होगी मजिस्ट्रेटियल जांच, लापरवाही पर शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
उन्नाव। विकास भवन सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत ब्लॉक मिशन प्रबंधकों (BMM) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति संतोषजनक न मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विकासखंडवार स्वयं सहायता समूहों के गठन, परिवार संतृप्तिकरण, आरएफ, सीआईएफ और सीसीएल की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। कई विकासखंडों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की।
विशेष रूप से असोहा, पुरवा, हिलौली, सरोसी और बांगरमऊ विकासखंडों की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित बीएमएम को कड़ी फटकार लगाई और दो दिन के भीतर रिपोर्ट तैयार कर शासन को कार्रवाई के लिए भेजने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह वास्तव में सक्रिय हैं या नहीं, इसकी मजिस्ट्रेटियल जांच कराई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि खंड विकास अधिकारी समूहों की बैठक बुलाकर उन्हें दी गई धनराशि, किए गए कार्यों और पत्रावलियों की जांच करें तथा सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में लक्ष्य के अनुरूप समूह गठन में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा को भी कड़ी हिदायत देते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने को कहा। वहीं महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन में लक्ष्य से कम प्रगति पर खंड विकास अधिकारी बांगरमऊ पर भी नाराजगी जताई गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि फर्जी समूहों का गठन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मिशन के तहत अधिक से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन कर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने पर जोर दिया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि गठित समूह सक्रिय रूप से कार्य करें और उनके कार्यों की नियमित निगरानी होती रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री कृति राज, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, डीसी मनरेगा मुनीश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
