पाटन, उन्नाव। भारत की आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। तहसील बीघापुर के अंतर्गत बिहार स्थित त्रिवेणी काशी इंटर कॉलेज में प्रगणकों (Enumerators) और सुपरवाइजर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रथम चरण के तहत होने वाले मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य को त्रुटिहीन संपन्न बनाना है।
तकनीकी बारीकियों पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा चयनित कर्मचारियों को जनगणना की बारीकियों से अवगत कराया गया। इस बार डिजिटल डेटा संग्रहण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई:
- सटीक डेटा: घर-घर जाकर आंकड़ों को बिना किसी गलती के दर्ज करना।
- डिजिटल माध्यम: मोबाइल ऐप और तकनीकी उपकरणों का प्रभावी उपयोग।
- गोपनीयता: नागरिकों से प्राप्त जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना।
- चुनौतियां: फील्ड वर्क के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान।
SDM ने किया औचक निरीक्षण
उपजिलाधिकारी (SDM) बीघापुर, रणवीर सिंह ने स्वयं प्रशिक्षण स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट लहजे में हिदायत दी कि यह एक अति-महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है।
”जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की सरकारी नीतियों और योजनाओं का आधार बनते हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या आंकड़ों में हेरफेर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी और सतर्कता से करें।”
— रणवीर सिंह, SDM बीघापुर
योजनाओं का आधार है जनगणना
अधिकारियों ने बताया कि सही संकलन से ही पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना सुनिश्चित हो पाता है। इस अवसर पर तहसील प्रशासन के संबंधित अधिकारी और भारी संख्या में प्रगणक एवं सुपरवाइजर्स उपस्थित रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट: RUDRA YUKTI NEWS
