बाराबंकी। जनपद की ऐतिहासिक खेल विरासत को सहेजने के लिए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी पद्मश्री बाबू के.डी. सिंह के पैतृक आवास पर बन रहे स्मृति संग्रहालय का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
मूल स्वरूप से नहीं होगा समझौता
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को सख्त निर्देश दिए कि संग्रहालय का निर्माण करते समय भवन की ऐतिहासिकता और उसके मूल स्ट्रक्चर (Original Structure) को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि रिस्टोरेशन का कार्य इस तरह हो कि भवन की मौलिक पहचान बनी रहे और आने वाली पीढ़ियां अपने नायक के वास्तविक परिवेश से जुड़ सकें।
898 लाख की लागत से संवरेगा संग्रहालय
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के बारे में मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- कुल लागत: ₹898.27 लाख की स्वीकृत राशि।
- कार्यदायी संस्था: यू.पी. प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूनिट-14, लखनऊ)।
- डेडलाइन: अक्टूबर 2026 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य।
- प्रमुख कार्य: रिस्टोरेशन, इंटीरियर डिजाइनिंग, लैंडस्केपिंग, फायर फाइटिंग और आधुनिक प्लंबिंग-इलेक्ट्रिफिकेशन।
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि संग्रहालय में केडी सिंह बाबू के जीवन संघर्ष, उनकी उपलब्धियों और भारतीय हॉकी में उनके अविस्मरणीय योगदान को दर्शाने वाली विशेष दीर्घाएं (Galleries) तैयार की जाएं। साथ ही, यहां आने वाले खेल प्रेमियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।
गुणवत्ता पर सख्त रुख
डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप होना चाहिए और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जॉइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नवाबगंज सुश्री गुंजिता अग्रवाल और कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
