बाराबंकी। कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में बुधवार को ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले जनपद के मेधावी छात्र-छात्राओं को जिलाधिकारी (डीएम) ईशान प्रताप सिंह ने सम्मानित किया।
मेहनत और निरंतरता ही सफलता की कुंजी: डीएम
विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि यह बड़ी उपलब्धि छात्रों की मेहनत, कड़े अनुशासन और शिक्षकों के सटीक मार्गदर्शन का सुखद परिणाम है। उन्होंने मेधावियों को उपहार भेंट करते हुए कहा, “शिक्षा ही जीवन को सही दिशा देती है। लक्ष्य हासिल करने के लिए मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन के मार्ग पर चलना अनिवार्य है।”
बुक रीडिंग और अखबारों पर जोर
डिजिटल युग में भी पारंपरिक शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए जिलाधिकारी ने छात्रों को विशेष सलाह दी। उन्होंने कहा:
”बुक रीडिंग का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। छात्र नियमित रूप से समाचार पत्रों का अध्ययन करें। जिस क्षेत्र में आपकी रुचि हो, उसे ही अपनी मंजिल बनाएं और खुद पर अटूट भरोसा रखें।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कभी असफलता मिले तो निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। संवाद के दौरान डीएम ने छात्रों द्वारा करियर चयन और अध्ययन पद्धति से जुड़े सवालों के जवाब देकर उनका मार्गदर्शन भी किया।
सम्मानित हुए जनपद के ये सितारे
समारोह में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के उन छात्र-छात्राओं को मंच मिला जिन्होंने प्रदेश की मेरिट सूची में जगह बनाई:
- हाईस्कूल: अंशिका वर्मा (97.83% – प्रदेश में प्रथम स्थान), अदिति (97.50%), परी वर्मा (97.33%), दिव्या (96.67%), संध्या शिखा (96.67%), निधि (96.50%), मोनिका यादव (96.00%), शिक्षा मिश्रा (96.33%) और आराध्या राज (96.17%)।
- इंटरमीडिएट: श्रेया वर्मा (97.20%), पूजा पाल (97.00%), अर्पिता जायसवाल (96.00%) और आदित्य वर्मा (96%)।
लक्ष्य निर्धारण और सकारात्मक सोच जरूरी
जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी त्रिपाठी ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने लक्ष्य निर्धारण और सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों और शिक्षकों की मेहनत की सराहना की। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, मेधावियों के अभिभावक और जिला प्रशासन के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट/इंद्रराज राजपूत
