अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित दान में अनियमितता और चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने विशेष जांच टीम (SIT) की अंतिम रिपोर्ट और उसके आधार पर तैयार कार्ययोजना श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। अब रिपोर्ट में दिए गए सुझावों के आधार पर ट्रस्ट स्तर से आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।
लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय SIT में आईजी रेंज किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार शामिल थे। टीम ने इससे पहले 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। बताया गया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में दान और उससे संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट भी SIT को जांच में तेजी लाने और इसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के निर्देश दे चुका है। अदालत ने जांच की प्रगति से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करने को कहा था। जांच प्रक्रिया में फोरेंसिक ऑडिट की भूमिका भी रखी गई है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने निर्देश दिया था कि SIT अपनी स्टेटस रिपोर्ट अदालत के समक्ष सीलबंद लिफाफे में पेश करे। अदालत रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद यह तय करेगी कि उसे मामले से जुड़े पक्षों के साथ साझा किया जाना है या नहीं।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आती रही है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले दान, चढ़ावे, जमीन की खरीद और ट्रस्ट के प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोपों की जांच की मांग उठाई थी। उन्होंने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे।
वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर इस मुद्दे को बार-बार उठाकर सदन का समय बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी मांगने की बात कही थी।
फिलहाल SIT की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपे जाने के बाद इस मामले में आगे होने वाली कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
Source – PS, सोशल मीडिया
