उन्नाव। क्षेत्र में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल उस समय चरम पर पहुंच गया जब ‘वीर बजरंगी सेवा समिति’ के तत्वाधान में भव्य संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस पावन धार्मिक अनुष्ठान में पहले ही दिन क्षेत्र के श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा।
धुंधकारी के मोक्ष प्रसंग से हुआ कथा का भव्य आगाज
कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य भागवताचार्य ने उपस्थित भारी जनसमुदाय को श्रीमद्भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए धुंधकारी और आत्मदेव की कथा विस्तार से सुनाई। कथा व्यास ने भागवत की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा:
”भागवत कथा केवल श्रवण करने मात्र से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और प्रेत योनि जैसी दुर्दशा से भी मुक्ति मिलती है।”
धुंधकारी के मोक्ष का यह मार्मिक प्रसंग सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरा कथा पंडाल “जय श्री कृष्ण” और “वीर बजरंगी” के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
वरिष्ठ जनों ने किया व्यासपीठ का पूजन
आरती एवं दिनेश प्रजापति के विशेष सहयोग से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सनातनी परंपरा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने व्यासपीठ का विधि-विधान से पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया, जिनमें शामिल रहे:
- श्री हरिहर प्रसाद बाजपेयी
- हरिकृष्ण शुक्ल (वरिष्ठ पत्रकार)
- रामानन्द द्विवेदी
- गौरव बाजपेयी
- मयंक बाजपेयी
व्यवस्थाओं में जुटे समिति के सेवादार
संपूर्ण कार्यक्रम की कुशल व्यवस्था का कार्यभार व्यवस्थापक विनय कुमार प्रजापति “गुड्डन” (पुत्र बाबूराम प्रजापति) द्वारा बेहद सुचारू रूप से संभाला जा रहा है। इसके साथ ही पंडाल एवं ध्वनि व्यवस्था के लिए बउवा शर्मा “टेन्ट हाउस” और सरवन “साउण्ड सर्विस” का विशेष सहयोग रहा।
कथा के सफल संचालन में समिति के सक्रिय सदस्य छोटू बाजपेयी, राजा शुक्ला, सुमित, मोहन सोनी, संदीप प्रजापति, रोहित प्रजापति और धर्मपाल सिंह लगातार मुस्तैदी से जुटे हुए हैं।
भारी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
कथा के प्रथम दिन कृष्ण मोहन प्रजापति, बृजमोहन प्रजापति, ओमानन्द दीक्षित, राघवेन्द्र शुक्ल, अंकित शुक्ल, पोषण यादव (सर्वेश), एकांश मिश्र, प्रबुद्ध मिश्रा तथा विशाल दीक्षित सहित भारी संख्या में संभ्रांत नागरिकों ने सपरिवार पहुंचकर कथा अमृत का रसपान किया।
कार्यक्रम के आयोजक समस्त भक्तगण एवं निवेदक समस्त क्षेत्रवासी व ग्रामवासी हैं। प्रथम दिन की कथा की समाप्ति पर मुख्य यजमानों द्वारा महाआरती उतारी गई और उपस्थित सभी श्रद्धालुओं में भारी मात्रा में प्रसाद का वितरण किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमियों से प्रतिदिन अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पुण्यमयी कथा का लाभ उठाने की भावपूर्ण अपील की है।
